प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छता ही सेवा आंदोलन’ से जुड़ीं अभिनेत्री अनुष्का शर्मा

मुंबई। अभिनेत्री अनुष्का शर्मा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चलाए जाने वाले ‘स्वच्छता ही सेवा आंदोलन’ से जुड़ गई हैं। इस सेवा आंदोलन को लेकर हुई हमसे बातचीत में अनुष्का ने कहा कि उन्हें बहुत अफसोस होता है कि स्वच्छता को लेकर लोगों की सोच अलग-अलग है। इस मामले में लोग सिर्फ अपने बारे में सोचकर अपने घर की सफाई करते हैं और घर के बाहर की गंदगी से उन्हें कोई मतलब नहीं होता है।
पर्यावरण किसी देश विशेष का नहीं बल्कि पूरे ब्रम्हांड का है
अनुष्का बताती हैं, ‘अब मैं स्वच्छ भारत अभियान की मुहीम से भी ऑफिशल रूप से जुड़ गई हूं। यह सबका पर्सनल चॉइस है, लेकिन इसका इफेक्ट बड़े लेवल पर होता है। पर्यावरण किसी देश-विशेष का नहीं बल्कि पूरे ब्रम्हांड का है। इस मामले में मेरे किसी भी तरह के निर्णय से पूरी दुनिया की आबादी को फर्क पड़ता है। आप पर्यावरण के लिए ऐसा नहीं कह सकते कि यह आपका अपना है। पर्यावरण में सबका बराबर का अधिकार है।’
लोग घर के बाहर की सफाई पर ध्यान नहीं देते
वह आगे बताती हैं, ‘कभी-कभी मुझे लगता है लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं। सबको लेकर आगे बढ़ने वाली भावना नहीं है। यह छोटी सोच वाली बात है। मुझे लोगों की इस भावना से तकलीफ होती हैं। लोग घर के बाहर की सफाई पर ध्यान नहीं देते, जबकि घर से बाहर निकलने के बाद खुद ही उस गंदगी का सामना करना पड़ता है। गंदगी से बीमारी बढ़ती है, बाद में अस्पताल जाकर खुद को ठीक करने में आपके पैसे ही खर्च होते हैं।’
निजी लेवल पर स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हूं और करती रहूंगी
स्वच्छता को लेकर चिंतिंत अनुष्का कहती हैं, ‘इतनी छोटी सी बात है, लेकिन लोग समझ नहीं पा रहे है। शायद हमारा दिमाग दूसरे कामों में बहुत उलझा हुआ है। अब साफ-सफाई की बात के लिए किसी को बार-बार कुछ नहीं बोल सकते हैं, इसलिए मैं इसे निजी चॉइस कहूंगी। अपने निजी लेवल पर स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हूं और करती रहूंगी।’
मैं अपनी खूबियों और काबिलियत को छुपा कर रखती हूं
ऐक्टिंग के अलावा अपनी फिल्म प्रोडक्शन कंपनी और क्लोदिंग ब्रैंड चला रही अनुष्का खुद के काम के बारे में कहती हैं, ‘मेरे अंदर एक छुपा हुआ कॉन्फिडेंस है, मैं इस मामले में लाउड नहीं हूं। मुझे यह दिखाना पसंद नहीं कि मैं क्या-क्या कर सकती हूं या मुझमें क्या खूबियां हैं। मैं अपनी खूबियों और काबिलियत को छुपा कर रखती हूं। मेरा मानना है कि आप अपना काम करें, लोग नोटिस कर लेंगे। मुझे रिस्क लेकर काम करना पसंद है। रिस्क लेने से ही आपके काम में और निखार भी आता है।’
मेरे लिए वही काम नार्मल है, जो काम सब लोग नहीं कर रहे होते हैं
अनुष्का आगे बताती हैं, ‘अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस खोलना हो, क्लोदिंग ब्रैंड को लॉन्च करना हो, किसी कहानी का चुनाव करना हो या कोई और भी काम… मैं ज्यादा सोच कर नहीं करती हूं। मुझे किसी भी काम को पहले करना ज्यादा अच्छा लगता है। हम लोग समाज में देखते हैं कि क्या-क्या काम हो रहा है या लोग क्या कर रहे हैं, उसके आधार पर किसी काम का चुनाव करते हैं, लेकिन मुझे किसी नए काम को शुरू करने में ज्यादा इंट्रेस्ट है। मेरी सोच कन्वेंस होने वाली नहीं है। लोगों को लगता होगा कि जो काम कोई नहीं करता वह काम मैं कर रही हूं… क्योंकि मेरे लिए वही काम नार्मल है, जो काम सब लोग नहीं कर रहे होते हैं।’
हम घर में काम करने वाली महिलाओं को उतनी अहमियत नहीं देते हैं, जो की सही नहीं है
शादी के बाद अपने घर-परिवार के साथ-साथ तमाम बाहर के काम कर रहीं अनुष्का घर में काम करने वाली महिलाओं की अहमियत समझाते हुए बताती हैं, ‘लोगों को लगता है कि घर चलाना बहुत आसान काम है लेकिन सच यह है कि यह भी दूसरे तमाम कामों की तरह मुश्किल काम है। अब ऐसा तो है नहीं कि घर चलाने वाली महिला हर समय फ्री रहती होगी, अरे उनको भी हजार काम होते हैं। घर चलाना मैनेजमेंट वाला जॉब है। हम घर में काम करने वाली महिलाओं को उतनी अहमियत नहीं देते हैं, जो की सही नहीं है। हर काम महत्वपूर्ण है। हम सब एक-दूसरे के काम से जुड़े होते हैं। अगर मैं काम नहीं करूंगी तो किसी और का काम रुकेगा। किसी भी इंसान को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह सबसे महत्वपूर्ण काम करता है। सबका काम जरूरी होता है। अगर घर में औरतें काम नहीं करेंगी तो बाहर काम करने वाले लोग ऑफिस कैसे जाएंगे, बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे और बाकी काम कैसे होंगे।’
-एजेंसियां

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