महिलाओं के नाम पर ऐक्टिविस्ट को मंदिर में घुसने की इजाजत नहीं: राज्‍य सरकार

तिरुवनंतपुरम/निलक्कल। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद शुक्रवार को महिलाएं सबरीमाला मंदिर में प्रवेश नहीं पाईं। प्रदर्शनकारियों के दबाव की वजह से पुलिस को जहां पीछे हटना पड़ा, वहीं मंदिर जाने के लिए निकलीं दो महिलाओं को भी लौटना पड़ा। केरल सरकार ने बयान दिया है कि मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की इजाजत है लेकिन कुछ ऐक्टिविस्ट भी घुसने की कोशिश में थीं। सरकार ने कहा कि हम इसकी इजाजत नहीं दे सकते। आपको बता दें कि शुक्रवार को जो 2 महिलाएं सबरीमाला मंदिर के एंट्री पॉइंट तक पहुंच कर लौटीं उनमें एक ऐक्टिविस्ट भी थीं।
शुक्रवार को केरल सरकार और पुलिस प्रशासन सबरीमाला के सामने डटे प्रदर्शनकारियों के सामने बेबस नजर आए। करीब 250 पुलिसकर्मियों के सुरक्षा घेरे में दो महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश की कोशिश की लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। इन महिलाओं को एंट्री पॉइंट से लौटना पड़ा। हैदराबाद के मोजो टीवी की जर्नलिस्ट कविता जक्कल और ऐक्टिविस्ट रिहाना फातिमा मंदिर में नहीं घुस पाईं।
पुजारी ने मंदिर को लॉक कर कहा, हम प्रदर्शनकारियों के साथ
शुक्रवार को सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी ने मौके पर मौजूद प्रशासन को स्पष्ट संदेश दे दिया कि अगर महिलाओं का प्रवेश हुआ तो मंदिर के धार्मिक क्रियाकलाप रोक दिए जाएंगे। मुख्य पुजारी कंडरारू राजीवारु ने कहा कि ‘हमने मंदिर को लॉक कर चाबी सौंपने का फैसला किया। मैं श्रद्धालुओं के साथ खड़ा हूं।’ इसके बाद पुलिस वाले महिलाओं को लेकर बेस कैंप में लौट गए। आईजी एस श्रीजीत ने बताया कि हमने महिला श्रद्धालुओं को स्थिति के बारे में बताया है और वे अब लौट जाएंगी। आईजी ने कहा कि इस वजह से हम भी पीछे हट रहे हैं।
आईजी ने बताया कि पुलिस महिलाओं के लेकर मंदिर के प्रांगड़ तक पहुंच गई थी लेकिन पुजारी ने उनके लिए दरवाजे खोलने से इंकार कर दिया। हम महिलाओं को बाहर लेकर इंतजार कर रहे थे तभी पुजारी ने कहा कि अगर हम महिलाओं को प्रवेश दिलाने की कोशिश करेंगे तो वे मंदिर को बंद भी कर सकते हैं।
राज्य सरकार बोली, महिलाओं के नाम पर ऐक्टिविस्ट को इजाजत नहीं
सबरीमाला विवाद से जुड़े इस ताजे घटनाक्रम पर केरल सरकार का भी पक्ष सामने आ गया है। राज्य देवासम (धार्मिक ट्रस्ट) मंत्री काडाकमपल्ली सुंदरन ने कहा कि कुछ ऐक्टिविस्ट भी मंदिर में घुसने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार के लिए यह चेक करना असंभव है कि कौन श्रद्धालु है और कौन ऐक्टिविस्ट। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि वहां 2 ऐक्टिविस्ट हैं, जिनमें एक पत्रकार भी मानी जा रही हैं। मंत्री ने कहा, ‘हर उम्र के लोगों को प्रवेश की अनुमति है लेकिन हम यहां ऐक्टिविस्टों को आकर अपनी ताकत दिखाने की अनुमति नहीं दे सकते।’
-एजेंसियां

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