उपलब्‍धि: खादी ग्रामोद्योग की बिक्री में 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

नई दिल्‍ली। एक ऐसे समय जब देशभर में कारोबारी और बिजनेसमैन लगातार घटती बिक्री को लेकर शिकायत कर रहे हैं, उस समय खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने अपनी बिक्री में 25 पर्सेंट की बढ़ोत्तरी दर्ज की है।
वित्त वर्ष 2018-19 में केवीआईसी की बिक्री 25 पर्सेंट बढ़कर 75,000 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गई।
इस सरकारी कंपनी की बिक्री बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान इसके पापड़, शहद और कॉस्मैटिक्स का है।
पिछले वित्त की कुल बिक्री में खादी उत्पादों का योगदान महज 4.3 फीसदी रहा, लेकिन पिछले 4 सालों से लगातार शानदार बिक्री दर्ज करने वाली KVIC ने 25 पर्सेंट की बढ़त हासिल की। वित्त वर्ष 2017-18 में कंपनी की बिक्री 13 पर्सेंट बढ़ी थी। हालांकि कंपनी का प्रोफिट सिर्फ 15 करोड़ रुपये रहा।
मार्केट के अन्य खिलाड़ियों से तुलना करें तो KVIC की बक्री हिंदुस्तान यूनिलिवर (HUL) से दोगुनी रही, जो देश की सबसे बड़ी कन्ज्यूमर गुड्स कंपनी है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान HUL की बिक्री 38,000 करोड़ रुपये के करीब रही। हालांकि इसका शुद्ध मुनाफा 400 गुना ज्यादा, यानी करीब 6,000 करोड़ रुपये रहा।
वार्षिक आमदनी की बात करें को 2018-19 में KVIC की बिक्री अगर टॉप 25 लिस्टेड कंपनियों की तुलना में भारती एयरटेल (81,000 करोड़ रुपये) से थोड़ी कम है और ग्रासिम इंडस्ट्रीज (72,970 करोड़ रुपये) से थोड़ी ज्यादा।
KVIC के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना का कहना है कि निजी व सार्वजनिक कंपनियों के साथ साझेदारी और मोदी सरकार की नीतियों की मदद से कंपनी 5 सालों में बिक्री दोगुनी करने में सफल रही।
कंपनी का टारगेट है कि वित्त वर्ष 2019-10 में ग्रामीण उद्योग बिक्री में 20 फीसदी की बढ़त दर्ज करने का है। उनका मानना है कि मौजूदा वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 85,000 करोड़ रपये तक पहुंच जाएगा जबकि खादी बिक्री 50 पर्सेंट बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
-एजेंसियां

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