बाबरी विध्वंस प्रकरण में आरोपियों को न्याय मिला: हिन्दू जनजागृति

नई द‍िल्ली। बाबरी मस्जिद विध्वंस अभियोग के सभी आरोपियों को निर्दोष मुक्त करने का निर्णय केंद्रीय अपराध अन्वेषण विभाग के (सी.बी.आई.के) विशेष न्यायालय ने दिया है। उसका हम मनःपूर्वक स्वागत करते हैं। इस निर्णय के कारण ‘सत्यमेव जयते’ पुनः एक बार सिद्ध हो गया है।

हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने कहा क‍ि गत वर्ष सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि होने तथा श्रीराम मंदिर के निर्माण का आदेश दिया था, उस समय यह सिद्ध हो गया था कि बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य अवैध है।

समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि रामजन्मभूमि के संदर्भ में सरकार द्वारा विलंब होनेवाले निर्णय के कारण जनमानस के धैर्य का बांध टूट गया था। इससे आगे जाकर हमारा कहना है कि, इस बाबरी के ध्वस्त होने के उपरांत संपूर्ण देश में दंगे किए गए तथा हिन्दू समाज और मंदिरों को लक्ष्य किया गया। उनमें लिप्त एक प्रमुख आरोपी दाउद इब्राहिम अभी तक नहीं पकडा गया है।
पाकिस्तान और बांग्लादेश में सैकड़ों मंदिर ध्वस्त किए गए। वर्ष 1990 में कश्मीर से लाखों हिन्दुओं को विस्थापित करने के पश्‍चात वहां के अनेक मंदिर ध्वस्त किए गए। क्या उन्हें न्याय मिला है ? आंध्र प्रदेश में भी वर्तमान में हिन्दू मंदिरों की मूर्तियां तोड़ने का सत्र चल ही रहा है। इस संबंध में कोई क्यों नहीं बोलता ? इस निर्णय के साथ हमारा कहना है कि, हिन्दूओं की जनभावनाओं का आदर किया जाना चाहिए । हिन्दुओं के जो मंदिर ध्वस्त किए गए हैं, उनका पुनर्निर्माण किया जाना चाहिए।
-Legend news

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