गैरकानूनी तरीके से शस्‍त्र लाइसेंस हासिल करने के मामले में फंसा अब्बास अंसारी

लखनऊ। बाहुबली मुख्तार अंसारी के अवैध कब्जों पर ताबड़तोड़ एक्शन के बाद अब बेटे अब्बास अंसारी पर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। लखनऊ के महानगर थाने में जनवरी 2020 में दर्ज हुए मामले में यूपी एसटीएफ ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। एसटीएफ की जांच में अब्बास अंसारी को आर्म्स एक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। बता दें कि मऊ से बीएसपी विधायक मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी निशानेबाज भी रह चुका है।
जांच में मिले प्रतिबंधित बोर के असलहे
एसटीएफ प्रभारी विशाल विक्रम सिंह के अनुसार मामले की जांच के दौरान कई बड़ी बातें सामने आई थीं। मौके पर अलग-अलग और प्रतिबंधित बोर के असलहे बरामद किए जाने के साथ मानक से ज्यादा कारतूस प्राप्त हुए थे। जाने-माने निशानेबाज अब्बास अंसारी ने ऊंची हैसियत के चलते गैरकानूनी तरीके से सात शस्त्रों की सीमा से ज्यादा आठ शस्त्र लाइसेंस हासिल कर लिए थे।
मुख्तार के बेटे ने शूटिंग के लिए खरीदे प्रतिबंधित कारतूस
आरोपी अब्बास अंसारी से जुड़े मामले में हुई जांच में अधिकृत बोर से बड़े बोर के घातक किस्म की राइफल और पिस्टल के साथ कारतूस खरीदने की बात सामने आई। एसटीएफ प्रभारी के अनुसार अब्बास ने शूटिंग के लिए प्रतिबंधित बोर के कारतूस भी खरीदे थे। साथ ही अब्बास अंसारी ने गन लाइसेंस को पिस्टल और रिवॉल्वर की श्रेणी के लाइसेंस में बदलवाकर धोखाधड़ी का खेल रचा था।
लाइसेंसिंग प्राधिकारी के आवेदन में कई बार बदला गया पता
चार्जशीट में यह बात सामने आई कि आरोपी अब्बास ने खरीदे गए कारतूसों के इस्तेमाल से जुड़ा हुआ ब्यौरा एसटीएफ को नहीं दिया। आरोपी ने लाइसेंसिंग प्राधिकारी को दिए गए आवेदन पत्रों में कई बार पता बदलने के साथ ही दिल्ली स्थित अस्थाई पते को स्थाई बताया। यही नहीं अपने पिता मुख्तार अंसारी को अपना नॉमिनी बताते हुए यह कहा कि वह उस पते पर रहते हैं, जबकि पिछले कई सालों से मुख्तार जेल में बंद हैं। जांच के दौरान लाइसेंस में दर्ज कारतूस और बरामद कारतूस में बड़ा अंतर पाया गया। मामले की जांच के चलते सामने आए सभी साक्ष्यों को आधार बनाकर एसटीएफ ने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है।
-एजेंसियां

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *