राफेल पर आप सांसद संजय सिंह की समीक्षा याचिका खारिज, कोर्ट करेगा संजय सिंह के खिलाफ कार्यवाही

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने आज राफेल डील पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह की तरफ से दाखिल समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया है। अब सिर्फ एक समीक्षा याचिका बची है जिसे यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने दायर की है।
इससे पहले अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि राफेल से जुड़ी कुछ फाइलें रक्षा मंत्रालय से चोरी हुईं हैं। इस पर कोर्ट ने एजी से कहा कि इस मामले में सरकार ने क्या कार्यवही की, यह भोजनावकाश के बाद बताएं।
फैसले पर संजय सिंह के बयान अपमानजनक, कार्यवाही करेंगे: SC
भोजनाकवाश के बाद दोपहर 2 बजे जब सुनवाई फिर शुरू हुई तो सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की तरफ से दाखिल समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया।
इतना ही नहीं, बेंच ने AAP सांसद द्वारा कोर्ट पर की गईं अपमानजनक टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाया। संजय सिंह की याचिका पर सुनवाई से इंकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फैसले के बारे में उनके द्वारा दिए गए बयान बहुत ही अपमानजनक हैं। कोर्ट ने कहा कि वह रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई पूरी होने के बाद अपमानजनक बयानों के लिए संजय सिंह के खिलाफ कार्यवाही करेगा लेकिन उससे पहले सिंह को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।
रक्षा मंत्रालय से चोरी हुए दस्तावेज: कोर्ट से AG
सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया कि जिन दस्तावेजों पर ऐडवोकेट प्रशांत भूषण भरोसा कर रहे हैं, वे रक्षा मंत्रालय से चुराए गए हैं। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि राफेल डील से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने वाला सरकारी गोपनीयता कानून के तहत और अदालत की अवमानना का दोषी है।
अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल द्वारा ऑफिशियल सेक्रेट ऐक्ट का हवाला देने पर बेंच ने पूछा, ‘अगर राफेल डील में कोई भ्रष्टाचार हुआ हो तो क्या तब भी सरकार ऑफिशियल सेक्रेट ऐक्ट की आड़ ले सकती है। हम यह नहीं कह रहे हैं कि कोई भ्रष्टाचार हुआ है, लेकिन मान लीजिए कि अगर ऐसा हुआ हो तो सरकार ऑफिशियल सेक्रेट ऐक्ट की आड़ नहीं ले सकती।’ अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने कोर्ट से कहा कि जिन लोगों ने रक्षा दस्तावेजों को प्रकाशित किया, उन्हें कोर्ट को यह बताना चाहिए कि उन्हें ये दस्तावेज कहां से मिले थे।
सरकार का पक्ष
अटॉर्नी जनरल ने राफेल पर पुनर्विचार याचिका और गलत बयानी संबधी आवेदन खारिज करने का अनुरोध करते हुए कहा कि ये चोरी किए गए दस्तावेजों पर आधारित है। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि राफेल पर ‘द हिंदू’ की आज की रिपोर्ट भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को प्रभावित करने के समान है जो अपने आप में अदालत की अवमानना है।
प्रशांत भूषण की दलीलें
सुनवाई शुरू होने पर प्रशांत भूषण ने SC से कहा, ‘आपने अपने आदेश में कोर्ट की निगरानी में जांच की मेरी मांग पर सुनवाई ही नहीं की। हमने सीबीआई के सामने शिकायत की थी, आपने सीबीआई से रिपोर्ट तक नहीं मांगी।’ जब वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को नया दस्तावेज देने की कोशिश की, तब कोर्ट ने साफ कहा, ‘हम किसी भी नए दस्तावेज पर सुनवाई नहीं करेंगे।’ चीफ जस्टिस ने कहा कि प्रशांत भूषण को सुनने का यह अर्थ नहीं है कि SC राफेल डील के दस्तावेजों को रिकॉर्ड में ले रहा है।
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने SC से कहा कि सरकार ने सीलबंद लिफाफे में जो रिपोर्ट दी थी, उसमें गलतियां थीं, जिसके आधार पर कोर्ट ने फैसला दिया था। यह झूठे साक्ष्य का मामला बनता है। उन्होंने SC से कहा कि जब प्राथमिकी दायर करने और जांच के लिए याचिकाएं दाखिल की गईं तब राफेल पर महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाया गया।
भूषण ने कहा कि अगर तथ्यों को दबाया नहीं गया होता तो सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील मामले में प्राथमिकी और जांच संबंधी याचिका को खारिज नहीं किया होता। इस पर अटॉर्नी जनरल (AG) के के वेणुगोपाल ने कहा कि अधिवक्ता प्रशांत भूषण जिन दस्तावेजों पर भरोसा कर रहे हैं, वे रक्षा मंत्रालय से चुराए गए हैं। AG ने कोर्ट से कहा कि राफेल सौदे से जुड़े दस्तावेजों की चोरी होने के मामले की जांच चल रही है।
इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख सुप्रीम कोर्ट ने 14 मार्च तय की है।
-एजेंसियां

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