मुरादाबाद में तीन पाकिस्तानियों के बना दिए Aadhar card

मुरादाबाद। यहांं Aadhar card और जन्म मृत्यु सर्टिफिकेट जारी करवाने में खुले आम फर्जीवाड़ा हुआ है। तीन पाकिस्तानी नागरिकों के मुरादाबाद में आधार कार्ड बन गए। जमीन की खरीद फरोख्त के लिए यह खेल खेला गया। बाद में खोजबीन की गई तो इनमें से दो के डेथ सर्टिफिकेट भी नगर निगम से जारी करवा लिए गए।

अगवानपुर निवासी चंदा, नूर और अलीजान पुत्र कादर पाकिस्तान-इंडिया के बंटवारे के वक्त यहां से पाकिस्तान चले गए। अगवानपुर में उनकी 1200 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा सितंबर 2016 में रियाजुद्दीन ने करवाया। उप निबंधक द्वितीय के यहां डीड नंबर 8733 पर यह बैनामा करवाया गया। माना जा रहा है इसी के लिए पूरा खेल खेला गया। चंदा की पैदाइश एक जनवरी 1956 को दर्शाया गया इनका आधार नंबर 995536851488 भी जारी हो गया।

नूर का जन्म एक जनवरी 1958 दर्शा कर आधार कार्ड 995566881488 नंबर पर जारी करवा लिया गया। इसी तरह अलीजान एक जनवरी 1960 का आधार कार्ड 556859661223 से जारी हो गया। सभी के फोटो भी आधार कार्ड पर लगे है। सवाल उठता है कि अगर आधार कार्ड फर्जी लोगों को खड़ा करवा कर जारी करवाए गए तो क्या उनके आधार पहले से नहीं बने थे। अगर थे तो उनके निशान अंगूठा से पकड़ में क्यों नहीं आया। अगर वह वहीव्यक्ति थे तो फिर पाकिस्तानियों के आधआर कार्ड जारी होना अपने आप में व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।

नगर निगम से जारी हो गए डेथ सर्टिफिकेट

बात यहीं तक सीमित नहीं है। बैनामे को लेकर जब सवाल उठे तो इनको मृत दिखा दिया गया और दो लोगों चंदा और नूर के डेथ सर्टिफिकेट भी नगर निगम से जारी हो गए। चंदा की मौत सात जनवरी 2018 को दिखा कर डेथ सर्टिफिकेट 17 जनवरी 2018 को 2142017002875 नंबर से जारी हो गया। नूर का सर्टिफिकेट 29 नवंबर 2016 को दिखा कर 9 दिसंबर 2016 211420177002874 नंबर पर जारी हो गया। बैनामा सितंबर का है नूर की मौत नवंबर में दिखाई गई। नगर निगम से जारी दोनों सर्टिफिकेट का सीरियल नंबर भी फर्जीवाड़े की कहानी बताने को काफी है। इससे नगर निगम की व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा होता है।

उप निबंधक द्वितीय प्रवीण यादव ने कहा, 2016 में हुए बैनामे की जांच करवाऊंगा। रजिस्ट्री दफ्तर में बैनामे के दौरान तहसील का रिकार्ड नहीं होता। जो क्रेता विक्रेता होते हैं उनके सामने बैनामा किया जाता है। उनकी आईडी आदि चेक होती है। इस मामले की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
-एजेंसी

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