कुमार विश्‍वास की गर्मी से राहत मांगती एक कविता

कवि कुमार विश्‍वास इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी से कितना परेशान हैं, यह तो नहीं मालूम लेकिन इतना जरूर पता चला है कि गर्मी से वो कभी न कभी पीड़ित जरूर रहे हैं। शायद इसीलिए उन्‍होंने एक दौर में गर्मी से राहत मांगने वाली एक कविता भी लिखी थी, जो 49 डिग्री वाले तापमान को देखकर बहुत उपयुक्‍त लगती है।
पढ़िए कुमार विश्‍वास की गर्मी से राहत मांगती कविता-

ओ मेरे आसमां, ओ मेरे आसमां
अपने सूरज को थोड़ा कम कर दे,
अपनी आँखों को थोड़ा नम कर दे,
कब से प्यासी है तेरी धरती, आ!
अपनी धरती पे कुछ रहम कर दे

ओ मेरे आसमां, ओ मेरे आसमां
सारे तारे उदास बैठे हैं,
चाँद के आस-पास बैठे हैं,
इतने रौशन हैं दिख नहीं सकते,
इसलिए बदहवास बैठे हैं
तू बता दे उजाला किसका है?
नूर में ये हवाला किसका है?
इसकी गिनती का कुछ करम कर दे,
अपनी धरती पे कुछ रहम कर दे
ओ मेरे आसमां, ओ मेरे आसमां

-एजेंसियां

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