व्यक्ति को कर्म के माध्यम से जीवन में अग्रसर रहना चाहिए : पं० राजेश शास्त्री

आगरा। श्रीमद्भागवत कथा साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन है। यह कथा बड़े भाग्य से सुनने को मिलती है इसलिए जब भी समय मिले कथा में सुनाए गए प्रसंगों को सुनकर अपने जीवन में आत्मसात करें, इससे मन को शांति भी मिलेगी और कल्याण होगा। कलयुग में केवल कृष्ण का नाम ही आधार है जो भवसागर से पार लगाते हैं। परमात्मा को केवल भक्ति और श्रद्धा से पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन इस संसार का नियम है यह संसार परिवर्तनशील है, जिस प्रकार एक वृक्ष से पुराने पत्ते गिरने पर नए पत्तों का जन्म होता है, इसी प्रकार मनुष्य अपना पुराना शरीर त्यागकर नया शरीर धारण करता है ये कहना था प्रताप नगर स्थित श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर (बुर्जीवाला) पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पं० राजेश शास्त्री का|
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व्यक्ति को कर्म के माध्यम से जीवन में अग्रसर रहना चाहिए : पं० राजेश शास्त्री

श्रीमद्भागवत कथा में भक्तो ने शुक्रवार को कृष्ण की बाल लीला, गोवर्धन पूजन के साथ छप्पन भोग के दर्शन किए| जैसे-जैसे भागवत कथा आगे बड़ती जा रही हैं व्यास पं० राजेश शास्त्री के मुखाबिंद से इस कथा को सुनने के लिये श्रद्धालुओ का सैलाब उमड़ा रहा है। आठ दिवसीय भागवत कथा के पांचवे दिन व्यास गददी पर विराजमान पं० राजेश शास्त्री ने कृष्ण भागवन की कई बाल-लीलाओ पर चर्चा करते हुए झांकियों के माध्यम से हर कथा का खुबसुरत चित्रण किया । कथा के मुख्य यजमान विजय बंसल एंव सुनीता बंसल रहे, वही दैनिक यजमान पुरुषोतम बंसल रहे|

व्यास पं० राजेश शास्त्री ने श्रद्धालुओ को बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लेते ही कर्म का चयन किया। नन्हें कृष्ण द्वारा जन्म के छठे दिन ही शकटासुर का वध कर दिया, सातवें दिन पूतना को मौत की नींद सुला दिया। तीन महीने के थे तो कान्हा ने व्योमासुर को मार गिराया। प्रभु ने बाल्यकाल में ही कालिया वध किया और सात वर्ष की आयु में गोवर्धन पर्वत को उठा कर इंद्र के अभिमान को चूर-चूर किया। गोकुल में गोचरण किया तथा गीता का उपदेश देकर हमें कर्मयोग का ज्ञान सिखाया। प्रत्येक व्यक्ति को कर्म के माध्यम से जीवन में अग्रसर रहना चाहिए। भक्तों ने छप्पन भोगों का अर्पण किया और झांकियों सहित धूमधाम से गोवर्धन की पूजा-अर्चना की|
इस अवसर पर मुख्य रूप से ब्रज मोहन बंसल, संदीप गोयल, मनोज मंगल उर्फ भीम भाई, गौरव बंसल, अजय गोयल, शुभम अग्रवाल, टीटू गोयल, अनूप अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, शेफाली बंसल, वंदना अग्रवाल, स्नेहा गोयल, अनिल शाह, बॉबी महाजन, चिंटू आहूजा, वीएस गर्ग, अरुण ढींगरा, रोहित यादव, बॉबी भदौरिया, ब्रज बिहारी उर्फ अज्जू भाई, दिवाकर महाजन, नरेश जिंदल, बबलू बंसल, सतीश अग्रवाल, भरत गर्ग, आदि का सहयोग रहा|

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