जापान में एक भिक्षु ने किया मठ प्रशासन पर केस

तोक्यो। अक्सर भिक्षुओं को आपने सेवाभाव से काम करते देखा होगा, लेकिन जापान से एक अजीब मामला सामना आया है। वहां एक प्राचीन बौद्ध मठ में रहने वाले भिक्षु ने मठ के प्रशासन पर केस कर दिया है। भिक्षु का आरोप है कि उन्हें बिना आराम दिए लगातार बहुत सारा काम करवाया जाता है। भिक्षु के मुताबिक इतने सारा काम करने की वजह से वह डिप्रेशन का शिकार हो गए थे।
भिक्षु के वकील ने केस से जुड़ी बाकी जानकारियां दीं। भिक्षु जापान में मौजूद वैश्विक धरोहर स्थल में शामिल माउंट कोया में काम करते हैं। यह मठ बौद्ध लोगों को बीच काफी मान्यता रखता है। अब भिक्षु ने मुआवजे के तौर पर 78000 डॉलर तकरीबन 53 लाख रुपये मांगे हैं।
वकील के मुताबिक वह भिक्षु 2008 से उस मठ में काम कर रहे हैं, लेकिन 2015 से उनसे कुछ ज्यादा ही काम करवाया जा रहा था। वकील ने बताया, ‘यह सब धार्मिक ट्रेनिंग के नाम पर करवाया जाता है, लेकिन अगर यह सच में ट्रेनिंग से जुड़ा है तो इसमें इतना कष्ट भी देना ठीक नहीं।’
वकील ने बताया कि जब 2015 में मठ की 1200वीं वर्षगांठ मनाई गई थी, तब भिक्षु से 64 दिनों तक लगातार काम करवाया गया था। जिसमें उन्हें 17-17 घंटे तक मंदिर में अलग-अलग काम करने पड़ते थे।
मजदूर वर्ग के शोषण के खिलाफ आवाज उठानेवाला एक संगठन भी भिक्षु के साथ आ गया है। बता दें कि जापान में ओवरवर्क के मामले लगातार सामने आते रहते हैं लेकिन धार्मिक क्षेत्र में ऐसा देखने को नहीं मिलता। ओवरवर्क से किसी की मौत हो जाना भी जापान में काफी आम हो गया है। ऐसी स्थिति को वहां ‘करोशी’ कहा जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जापान में पिछले 12 महीने में (मार्च 2017 तक) 191 मौते काम के प्रेशर की वजह से हुई थीं।
-एजेंसी

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