दक्षिण कोरिया की एक ऐसी परीक्षा जिसने पूरे देश को रोक दिया

दक्षिण कोरिया में गुरूवार 15 नवंबर को लगभग 6 लाख छात्र CSAT परीक्षा में बैठे.
देश के तीन शीर्ष विश्वविद्यालयों में दाखिले की ये परीक्षा इतनी महत्वपूर्ण थी कि एक दिन के लिए पूरे देश को रोक दिया गया. यहाँ तक कि हवाई यात्राएं भी रुक गईं.
एक दिन के लिए ये परीक्षा हर साल पूरे देश की प्राथमिकता बन जाती है.
दफ्तरों में एक घंटा देर से काम शुरू होता है. लोग देर से निकलते हैं जिससे परीक्षा में बैठने वाले छात्र समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं.
परीक्षा के जिस हिस्से में छात्रों को अंग्रेजी के सवाल सुनकर जवाब लिखना होता है, उस समय उनको शोर से बचाने के लिए हवाई जहाज के उड़ने या उतरने पर पाबंदी रहती है.
परीक्षा में बैठने जा रहे सीनियर छात्रों की मदद के लिए जूनियर छात्र सड़क किनारे खड़े रहते हैं.
छात्रों के माता-पिता इकट्ठे होकर प्रार्थना करते हैं ताकि उनके बच्चों ने जो मेहनत की है वह सफ़ल हो जाए.
कॉलेज़ स्कॉलास्टिक एबिलिटी टेस्ट (College Scholastic Ability Test) आठ घंटे की कठिन परीक्षा है. यह छात्रों के लिए प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के दरवाजे खोलती है.
…क़ामयाबी नामुमकिन
दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में तीन प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय हैं, जिन्हें ‘स्काई’ (SKY) के नाम से जाना जाता है.
CSAT परीक्षा में बैठने वाले छात्रों में से सिर्फ़ एक फ़ीसदी छात्रों को ही इन विश्वविद्यालयों में दाखिला मिल पाता है.
इस साल CSAT परीक्षा में बैठने वाले छात्र म्युंगजुन किम कहते हैं, “सबसे ऊपर तीन विश्वविद्यालय हैं- जिन्हें SKY कहते हैं. ये हैं- सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी, कोरिया यूनिवर्सिटी और योन्शी यूनिवर्सिटी. मैंने पिछले तीन साल से कड़ी मेहनत की है, ताकि इन तीन में से किसी एक यूनिवर्सिटी में दाखिला मिल जाए.”
‘स्काई’ (SKY) कॉलेजों में सीटें कम हैं, इसलिए दाखिला आसान नहीं है. इसके लिए छात्रों को कड़ी मेहनत करनी होती है.
परीक्षा में अच्छे नंबर लाए बिना क़ामयाबी नामुमकिन है, इसलिए छात्र कई साल यह परीक्षा देते हैं.
परीक्षा से पहले दिन-रात तैयारियों में जुटे रहे छात्र मिन्सियो किम कहते हैं, “इन दिनों मुझे पता नहीं रहता कि कामकाजी दिन हैं या वीकेंड की छुट्टियां हैं.”
मिन्सियो सुबह 7 बजे उठकर 8 बजे तक स्कूल पहुंच जाते थे और वहां से रात के 10 बजे घर लौटते थे.
प्रतिष्ठित स्कूलों में दाखिला
दक्षिण कोरिया में अच्छे कॉलेज में दाखिले का सामाजिक दबाव ज्यादा है. जो छात्र स्थानीय कॉलेज में जाने का फ़ैसला करते हैं उनके बारे में नकारात्मक धारणा बन जाने की संभावना बहुत ज्यादा रहती है.
इस वजह से छात्र सोल के विश्वविद्यालयों में जाने की कोशिश करते हैं.
CSAT की परीक्षा देने वाली एक और छात्रा ह्यूनकुंग किम कहती हैं, “दक्षिण कोरिया में एक शब्द प्रचलित है जिसे हमलोग ‘इन सोल’ कहते हैं. इसका मतलब यह है कि सोल के विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलना महत्वपूर्ण है.
“जो छात्र अपनी कक्षाओं में सबसे अच्छा स्कोर करते हैं, उनका लक्ष्य होता है कि उन्हें सोल के विश्वविद्यालयों के प्रतिष्ठित स्कूलों में दाखिला मिल जाए.”
दक्षिण कोरिया के छात्र इस बात को लेकर सजग रहते हैं कि लोग उनके कॉलेज के आधार पर उन्हें आंकते हैं. जिनको अच्छे कॉलेज में दाखिला नहीं मिल पाता, वे खुद को दूसरों से कमतर महसूस करते हैं.
परीक्षा की तैयारी के लिए छात्र ट्यूशन सेंटर जाते हैं जिससे टेस्ट में अच्छे नंबर हासिल कर सकें.
ऐसे ही एक ट्यूशन सेंटर जोंगरो एकेडमी के संचालक सियोंघो लिम कहते हैं, “हाई स्कूल के बाद जिन छात्रों को कॉलेजों में दाखिला नहीं मिलता वे हमारे संस्थान में आते हैं.”
छात्र हाई स्कूल की तरह के कोर्स को पढ़ते हैं. वे सुबह 8 बजे से शाम के 5 बजे तक कक्षाओं में बैठते हैं, फिर रात के 10 बजे तक उन्हें स्टडी हॉल में पढ़ना होता है. स्टडी हॉल की पढ़ाई सबके लिए अनिवार्य होती है.
-BBC

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