केंद्र सरकार के 9 कृषि Apps गोंडा के किसानों के लिए वरदान बने

गोंडा। कृषि को उन्‍नत और लाभकारी बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लांच किये जा चुके नौ कृषि Apps अब प्रगतिशील सोच वाले किसानों के लिए वरदान बनते जा रहे हैं। इसका प्रत्‍यक्ष उदाहरण गोंडा के तुर्काडीहा गांव के किसान जिन्‍होंने खेती में तकनीक का प्रयोग शुरू किया। इसकी बदौलत ये किसान खेती से सोने की कीमत पा रहे हैं। यह सबकुछ संभव हुआ है मोदी सरकार द्वारा जारी किया गया कृषि Apps की मदद से।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक मोबाइल एप्प किसान सुविधा की पेशकश की थी जिसका ध्येय किसानों को मौसम, बाजार मूल्य, कृषि के साजो सामान के साथ साथ फसल कीटों और बीमारियों की शिनाख्त एवं प्रबंधन की सुविधा प्रदान करना है।

क्षेत्र के अधिकार किसानों के लिए खेती घाटे का सौदा भले ही हो, लेकिन वजीरगंज विकास खण्ड के तुर्काडीहा गांव के लोगों ने इसे मुनाफे में बदलकर दिखाया है। इन किसानों ने समय को समझा और खेती में तकनीक का प्रयोग शुरू किया। उसी के बदौलत आज ये किसान ‘ सोना ‘ उगा रहे हैं। उपज का सही मूल्य भी वसूल पा रहे हैं। यह सबकुछ संभव हुआ है, मोदी सरकार की ओर से जारी किए गए कृषि एप्स की मदद से। सरकार ऐसे नौ कृषि एप्स जारी कर चुकी है, जो किसानों की तकदीर बदलने में अहम भूमिका निभा रही है।

विकास खण्ड मुख्यालय से 7 किमी दूर बसे 3000 हजार की आबादी वाले रसूलपुर गांव में 95 फीसद लोग खेती पर ही निर्भर हैं। पहले इन किसानों को खाद-बीज और फसल के वाजिब मूल्य की चिंता सताती थी। अक्सर लागत भी नहीं निकल पाती थी। इस घाटे की ‘ कीमत ‘ पूरा परिवार चुकाता था। आज किसान खुशहाल हो रहे हैं और गरीबी इनके घर से बेघर। 40 बीघा के काश्तकार सेवानिवृत्त शिक्षक रामकृपाल मिश्रा गांव की कायापलट के अहम साक्षी हैं। वह बताते हैं कि ढाई क्विंटल प्रति बीघा गेंहू पैदा कर पाते थे। जानकारी के अभाव में गलत दवा या अधिक खाद से भी फसल चौपट हो जाती थी। फिर , घरेलू खर्चा भी बोझ लगता था पर , दो साल पहले नये जमाने में पांव रखा।
-एजेंसी

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