Kumbha स्‍थल पहुंचे दुनिया के 71 राजनयिकों का पुष्पवर्षा और तिरंगे से हुआ स्वागत

प्रयागराज। आज Kumbha 2019 की भव्‍य तैयारियों को देखने के लिए 71 देशों का प्रतिनिधिमंडल संगम क्षेत्र पहुंच गया है। जहां पांच घंटे रुककर प्रदर्शनी, डाक्यूमेंटरी आदि के माध्यम से भव्य और दिव्य कुंभ की छवियों को निहारा।
सृष्टि की रचना के बाद ब्रह्मा की ओर से प्रथम यज्ञ करने का सौभाग्य अर्जित करने वाली संगम की रेती से फिर विश्व कल्याण और सर्वमंगल की कामना का संदेश जाएगा। विविधता में एकता और वसुधैव कुटुंबकम की संकल्पना को और करीब से जानने-समझने के लिए पूरी दुनिया संगम तट पर सिमट आएगी।
इसे पूरा करने के लिए इस Kumbha में 192 देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। आज 71 देशों का प्रतिनिधिमंडल संगम क्षेत्र पहुंच गया है। जहां पांच घंटे रुककर प्रदर्शनी, डाक्यूमेंटरी आदि के माध्यम से भव्य और दिव्य कुंभ की छवियों को निहारा।

राजनयिकों के स्वागत के लिए संगम की रेती सजी

‘चलो चलें कुंभ’ अभियान का हिस्सा बनने और उसे सार्थक करने वाले राजनयिकों के स्वागत के लिए संगम की रेती सजी। मकसद वही कि राजनयिक भव्य कुंभ की छवियों के साथ जाएं और अपने देशवासियों को भी यहां आने के लिए प्रेरित, प्रोत्साहित करें। यूनेस्को पहले ही दुनिया के सबसे बड़े मेले के रूप में कुंभ को धरोहरों की सूची में शामिल कर चुका है। अब दुनिया भर में इसे साबित करने की कोशिश भी है।

कोशिश है कि एयरपोर्ट से लेकर संगम तक हर जगह, अलग-अलग अंदाज में उनका ऐसा स्वागत हो जो उन्हें अभिभूत करे। खान-पान की व्यवस्था ताज की टीम को दी गई है तो अन्य तैयारियों के लिए दिल्ली की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी जुटी है। प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने भी दावा किया है दुनिया भर के राजनयिकों के स्वागत और उन्हें दिव्य-भव्य कुंभ की छवियों को दिखाने के लिए संगम की रेती पूरी तरह तैयार है।

संगम क्षेत्र में शनिवार को दिव्य-भव्य कुंभ की तैयारियां देखने के लिए विदेशी राजनयिकों का दल विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह साथ पहुंचा है। उनका विशेष विमान सुबह 9.30 बजे बमरौली एयरपोर्ट पर उतरा। वहां से वे होटल पहुंचे हैं। जहां से करीब 10.45 बजे संगम के लिए रवाना हुए।

संगम की रेती पर जुटने वाले दुनिया के विभिन्न देशों के प्रतिनिधि आस्था और आधुनिकता के संगम के बीच सनातन धर्म और कुंभ के मर्म को जाना। यह भी कि बिना निमंत्रण कुंभ का आकर्षण करोड़ों श्रद्धालुओं को कैसे रेती तक खींच लाता है। अलग-अलग प्रांत, अलग भाषाएं, अलग मत, पंथ, संप्रदाय लेकिन आस्था का सरोकार एक जिससे बंधकर जनसमुद्र बनता है। कुंभ की यही कस्तूरी लेकर राजनयिक विदा होंगे और अपने देश के लोगों को रेती पर आने की राह दिखाएंगे।

संगम में कुंभ पर आधारित प्रदर्शनी देखने के बाद उन्हें प्रोजेक्टर के माध्यम से भी कुंभ की जानकारी दी गई। यहां से वे संगम नोज और वहां से क्रूज से अरैल स्थित टेंटेज सिटी आए।

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