भविष्य की बिटकॉइन साबित होंगी 7 करंसीज

बिटकॉइन धमाल मचा रहा है। बिटकॉइन के बेतहाशा बढ़ने से लोग अन्य क्रिप्टोकरंसीज के प्रति भी आकर्षित हो रहे हैं। यही वजह है कि इथेरियम, लाइटकॉइन, रिपल जैसी डिजिटल करंसीज लगातार चढ़ रही हैं। इन 7 करंसीज की रफ्तार देखकर कहा जा सकता है कि ये भविष्य की बिटकॉइन साबित होंगी….
इथेरियम, बिटकॉइन की सबसे नजदीकी प्रतिस्पर्धी के रूप में उभर रहा है। 2014 में आया इथेरियम अभी दूसरी सबसे मूल्यवान करंसी है। बिटकॉइन की तरह यह भी एक तरह का ब्लॉकचेन नेटवर्क ही है। बिटकॉइन और इथेरियम में मुख्य अंतर मकसद और क्षमता का है। बिटकॉइन ब्लॉकचेन के इस्तेमाल का मकसद यह जानने के लिए होता है कि बिटकॉइन किन-किनके पास है जबकि इथेरियम ब्लॉकचेन के जरिए डीसेंट्रलाइज्ड ऐप्लिकेशंस बनाए जाते हैं।
कई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की नजर में रिपल बिटकॉइन का उत्तराधिकारी है। 2012 में बिटकॉइन के पूर्व डिवेलपरों ने रिपल लॉन्च की थी। यह एक स्टार्टअप है जिसकी वेबसाइट कहती है कि रिपल एक ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी है जो बैंकों, पेमेंट प्रवाइडरों, डिजिटल ऐसेट एक्सचेंजों और कंपनियों को जोड़ती है। यह स्टार्टअप रिपल के नाम से पेमेंट नेटवर्क भी ऑपरेट करता है। रिपल की क्रिप्टोकरंसी XRP है।
पिछले साल दिसंबर 2012 तक लाइटकॉइन की कीमत 5,700 प्रतिशत बढ़ चुकी थी जबकि उस अवधि तक बिटकॉइन 1,550 प्रतिशत ही मजबूत हुआ था। यह पियर-टु-पियर क्रिप्टोकरंसी है जिसे गूगल के पूर्व एंप्लॉयी और कॉइनबेस में इंजिनियरिंग के पूर्व डायरेक्टर चार्ली ली ने बनाया था। टेक्निकल इंप्लेमेंटेशन के लिहाज से लाइटकॉइन बिटकॉइन से बहुत मिलता-जुलता है।
दावा किया जा रहा है कि जेडकैस (ZEC) पहली परमिशनलेस क्रिप्टोकरंसी है जो ट्रांजैक्शन को पूरी तरह सुरक्षित रखती है। बिटकॉइन की तरह ही Zcash भी ब्लॉकचेन आधारित करंसी है। अक्टूबर 2016 में लॉन्च हुई यह डिजिटल करंसी का मॉनेटरी बेस भी बिटकॉइन के बराबर है।
डैश बिटकॉइन का एक और कड़ा प्रतिस्पर्धी है। यह एक ओपन सोर्स पियर-टु-पियर क्रिप्टोकरंसी है। डैश का इस्तेमाल त्वरित, ऑनलाइन या इन-स्टोर प्राइवेट पेमेंट्स के लिए किया जाता है। इसके लिए दुनियाभर के हजारों यूजर्स सिक्यॉर ओपन-सोर्स प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।
मोनेरो के बारे में कहा जाता है कि यह एक सुरक्षित, निजी और अज्ञात क्रिप्टोकरंसी है। इसकी लॉन्चिंग अप्रैल 2014 में हुई। मोनरो के डिवेलपर्स नेटवर्क की ट्रांजैक्शन फी 80 प्रतिशत तक कम करने का प्रयास कर रहे हैं।
आईओटीए भी बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। इसका मार्केट कैप 0.75 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। बिटकॉइन के डिवेलपमेंट के बाद आईओटीए को थर्ड जेनरेशन के ब्लॉकचेन का प्रतिनिधित्व करता है।
-एजेंसी