अमित जेठवा हत्‍याकांड में पूर्व सांसद सहित 6 को आजीवन कारावास

अहमदाबाद। गुजरात के आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा हत्‍याकांड में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने बीजेपी के पूर्व सांसद दीनू सोलंकी और 6 अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जेठवा की 20 जुलाई 2010 को गुजरात हाई कोर्ट के बाहर गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी। इससे पहले सीबीआई कोर्ट ने दीनू सोलंकी और 6 अन्य को दोषी करार दिया था।
जेठवा ने गिर वन क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों को सामने लाने का प्रयास किया था, जिसके चलते गुजरात हाई कोर्ट के बाहर उनकी हत्या कर दी गई थी।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश के. एम. दवे ने इस मामले में सजा सुनाई। अपराध शाखा द्वारा सोलंकी को क्लीनचिट दिए जाने के बाद गुजरात हाई कोर्ट ने जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपा दिया था।
अदालत ने वर्ष 2009 से 2014 तक गुजरात के जूनागढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके सोलंकी को उनके चचेरे भाई शिव सोलंकी और पांच अन्य के साथ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों में दोषी करार दिया। मामले में दोषी पाए गए 5 अन्य आरोपियों में शैलेष पंड्या, बहादुर सिंह वढेर, पंचेन जी देसाई, संजय चौहान और उदयजी ठाकोर हैं।
अवैध खनन गतिविधियों को उजागर करने की कोशिश की
वकील जेठवा ने आरटीआई अर्जी के जरिए दीनू सोलंकी की कथित संलिप्तता वाली अवैध खनन गतिविधियों को उजागर करने की कोशिश की थी। जेठवा ने 2010 में एशियाई शेरों के वास स्थान गिर वन क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका भी दायर की थी। दीनू सोलंकी और शिव सोलंकी जनहित याचिका में प्रतिवादी बनाए गए थे।
जेठवा ने अवैध खनन में उनकी संलिप्तता को उजागर करने के लिए कई दस्तावेज पेश किए थे। जनहित याचिका पर सुनवाई के समय ही गुजरात हाई कोर्ट के बाहर 20 जुलाई 2010 को जेठवा की हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता भीखाभाई जेठवा के हाई कोर्ट का रूख करने के बाद अदालत ने मामले की नए सिरे से जांच का आदेश दिया था। उन्होंने उच्च न्यायालय से कहा था कि आरोपियों द्वारा दबाव डालने और भयादोहन करने के चलते करीब 105 गवाह मुकर गए।
-एजेंसियां

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