मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में संलिप्‍त पाए गए जेलर और डिप्टी जेलर सहित 5 पुलिसकर्मी

माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की जांच में जेलर, डिप्टी जेलर सहित 5 पुलिसकर्मी संलिप्‍त पाए गए हैं। हत्‍याकांड की जांच रिपोर्ट कारागार मुख्यालय को भेज दी गई है। सभी को चार्जशीट जारी कर 3 हफ्ते में जवाब देने को कहा गया है।
एडीजी कारागार चंद्र प्रकाश ने बताया कि इस मामले में बागपत जिला कारागार के जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, एसपी सिंह के अलावा हेड वार्डर अरजिंदर सिंह व वार्डर माधव कुमार को दोषी माना गया है। इनमें से एसपी सिंह को छोड़कर बाकी सभी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
80 और 90 के दशक में वाराणसी के पूर्व डिप्टी मेयर स्वर्गीय अनिल सिंह का नाम पूर्वांचल बाहुबलियों फेहरिस्त में ऊंचे पायदान पर था. मुन्ना का संगठित अपराध से साक्षात्कार अनिल सिंह के दरबार में हुआ और शांत स्वभाव का एक आम लड़का बहुत जल्द ही एक बड़ा अपराधी बनने के सपने देखने लगा. उस दौर में पूर्वांचल का संगठित अपराध उद्योग विस्तार के वेग में था और अत्याधुनिक असलहों समेत नई उम्र के नौजवानो की पौध आसानी से उपलब्ध होने लगी थी.
आए दिन हत्या, गैंगवार और रंगदारी मांगने जैसी घटनाओं के बीच नित-नए नाम बन और बिगड़ रहे थे. लेकिन मुन्ना ने लीक से हटकर काम करने की ठानी और उसने हत्याओं और वारदातों का एक ऐसा दौर शुरू किया जो इतिहास के काले पन्नों में दर्ज होता गया.
गौरतलब है कि मुन्ना बजरंगी की 9 जुलाई को बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सुपारी किलर सुनील राठी को बजरंगी की हत्या में आरोपी बनाया गया है।
-एजेंसियां

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