अयोध्‍या के रौनाही में मस्‍जिद के लिए दी गई 5 एकड़ जमीन

अयोध्‍या। केंद्र के राम मंदिर ट्रस्‍ट को मंजूरी देने के बाद अब उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्‍या से करीब 22 क‍िमी दूर रौनाही में सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने का ऐलान किया है।
योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने बुधवार को इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है। रौनाही अयोध्‍या के मुख्‍य मंदिर क्षेत्र के दायरे में नहीं आता है और मुस्लिम बहुल क्षेत्र है।
लोकभवन में कैबिनेट की बैठक के बाद अयोध्या में सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन रौनाही में देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। बता दें कि यह जमीन लखनऊ-अयोध्या हाई-वे पर अयोध्या से करीब 22 किलोमीटर पहले है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड को यह जमीन 5 एकड़ जमीन मस्जिद बनाने के लिए दी जा रही है। अब बोर्ड के ऊपर है कि वह इस जमीन का क्‍या करता है।
सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड ने अभी इस पर फैसला नहीं किया है कि वह 5 एकड़ जमीन पर क्‍या करेगा। इससे पहले पीएम ने संसद में कहा था कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या में 5 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। यूपी सरकार ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार को अयोध्या में 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था। पीएम ने कहा कि गहन विचार विमर्श और संवाद के बाद पांच एकड़ जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को देने का अनुरोध यूपी सरकार से किया गया जिस पर सहमति प्रदान कर दी गई है।
67.07 एकड़ जमीन ट्रस्ट को होगी ट्रांसफर
पीएम ने लोकसभा में अपने बयान में कहा कि भारत की प्राणवायु में, आदर्शों में, मर्यादाओं में भगवान श्रीराम और अयोध्या की ऐतिहासिकता से हम सभी परिचित हैं। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण वर्तमान और भविष्य में रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए एक और फैसला किया गया है। पीएम ने बताया कि कानून के तहत 67.07 एकड़ जमीन ट्रस्ट को ट्रांसफर की जाएगी, जिसमें भीतरी और बाहरी आंगन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि रामलला विराजमान की जमीन भी ट्रस्ट को मिलेगी। यह ट्रस्ट ही भव्य और दिव्य राम मंदिर निर्माण पर फैसला लेगा।
-एजेंसियां

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