जम्मू-कश्मीर में 15 अगस्त के बाद होगा 4 जी इंटरनेट का ट्रायल

नई दिल्‍ली। जम्मू-कश्मीर के कम संवेदनशील इलाके में ट्रायल बेसिस पर 4 जी सेवा बहाल की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया कि 15 अगस्त के बाद जम्मू-कश्मीर डिवीजन के एक-एक जिले में 4 जी सेवा प्रायोगिक तौर पर शुरू की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में 4 जी सेवा को लेकर सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि इसके लिए एक स्पेशल कमेटी का गठन किया गया है जिसकी 10 अगस्त को मीटिंग हुई थी। कमेटी ने स्थानीय एजेंसी से संपर्क किया था। बॉर्डर सिक्योरिटी से लेकर अन्य तमाम पहलुओं को देखा गया।
बॉर्डर एरियाज में नहीं मिलेगी सेवा
कमेटी का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में खतरा अभी भी चरम पर है। इंटरनेट को लेकर जो पाबंदियां हैं, उससे कोविड और शिक्षा के मामले में कोई व्यवधान नहीं हो रहा है। अभी जो स्थिति है, उसमें हाई स्पीड इंटरनेट सेवा बहाल करना संभव नहीं है। हाई स्पीड इंटरनेट सेवा यानी 4 जी सेवा ट्रायल बेसिस पर जम्मू-कश्मीर डिवीजन के एक-एक जिले में शुरू किया जाएगा जो कम संवेदनशील इलाका है। कमेटी की सिफारिश के मुताबिक 4 जी इंटरनेट सेवा को कुछ लिमिटेड और तय इलाकों में बहाल किया जाएगा। जम्मू और कश्मीर के एक-एक जिले में अभी 4 जी सेवा बहाल की जाएगी। अभी जो इलाका कम संवेदनशील है और जहां आतकंवादी गतिविधियां कम हैं और जो बॉर्डर का इलाका नहीं है, वहां 4 जी सेवा शुरू की जाएगी।
दो महीने बाद की जाएगी समीक्षा
गौरतलब है कि अभी जम्मू-कश्मीर में 2 जी सेवा चल रही है। अटॉर्नी जनरल ने बताया कि सीमित इलाके में 4 जी सेवा 15 अगस्त के बाद शुरू की जाएगी। फिर दो महीने बाद स्थिति की समीक्षा होगी। सॉलिसिटर जनरल से कोर्ट ने पूछा कि क्या आपका ऑर्डर पब्लिक डोमेन में है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जो भी रिव्यू हुआ है या होगा, वह पब्लिक में होना चाहिए। तब सरकार की ओर से कहा गया कि ओरिजिनल ऑर्डर पब्लिक डोमेन में है।
सुप्रीम कोर्ट दरअसल कोर्ट के आदेश की अवहेलना की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने जम्मू एवं कश्मीर में इंटरनेट पाबंदी के लिए एक विशेष समिति गठित करने का आदेश दिया था, जिसकी अवहेलना को लेकर कोर्ट मामले की सुनवाई कर रही थी।
12 मई को चला था 2जी इंटरनेट
6 मई को पुलवामा में मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नाइकू के मारे जाने के बाद 2जी इंटरनेट भी बंद कर दिया गया था। करीब हफ्ते भर बाद वहां इंटरनेट बहाल किया गया था। भारतीय संसद ने पिछले साल 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को रद्द कर जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिया था। उसके बाद से ही कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं सस्‍पेंड कर दी गई थीं।
-एजेंसियां

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