मथुरा के जवाहरबाग हिंसा केस में 45 लोग दोषी करार

मथुरा। निचली अदालत ने आज जवाहरबाग हिंसा मामले (Jawahar Bagh Violence Case) में 45 लोगों को दोषी करार दिया है। अदालत ने इस मामले में दोषी करार दिए गए सभी आरोपियों को तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपी चंदन बोस, उसकी पत्नी पूनम बोस और अन्य महिला श्यामवती पर फिलहाल फैसला नहीं सुनाया है।
गौरतलब है कि 2 जून 2016 को कलेक्‍ट्रेट क्षेत्र स्‍थित उद्यान विभाग के जवाहर बाग पर जबरन कब्जा करने वाले उपद्रवियों व पुलिस के मध्य सशस्त्र संघर्ष में 2 पुलिस अधिकारी व 22 उपद्रवी मारे गए।
वर्ष 2014 से मथुरा के जवाहर बाग पर “स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह” नामक समूह के सशस्त्र सदस्यों ने कब्जा कर रखा था, जो स्वयं को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का अनुयायी बताते थे व “स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रही”, “आज़ाद भारत विधिक विचारक क्रांति सत्याग्रही”, “स्वाधीन भारत सुभास सेना” आदि संगठनों से सम्बद्ध थे। हालाँकि इस समूह का नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा स्थापित “अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक” के राष्ट्रीय नेतृत्व से कोई सीधा संबंध नहीं है। स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह, एक स्वघोषित क्रांति दल है जिसका नेता रामवृक्ष यादव था। बंगाल का चन्दन बोस उसका सहयोगी था और बदायूं का राकेश बाबू गुप्ता दल के लिए पैसों का हिसाब किताब देखता था। अधिकतर अनुयायी पूर्वी उत्तर प्रदेश के थे।
पुलिस के मुताबिक जवाहरबाग में 2 जून 2016 को हुई गोलीबारी में फरह थाने के एस ओ संतोष यादव को एके 47 से गोली मारने के मामले में रामवृक्ष यादव के साथ उसका खास सलाहकार चंदन बोस, गिरीश यादव और राकेश गुप्ता भी शामिल थे और इन्हें मुख्य आरोपी बनाया था।
पुलिस ने इस मामले में 15 जनू को चंदन बोस परसरामपुर गांव से पत्नी पूनम समेत पकड़ा गया था।
कैथवलिया निवासी पूनम के पिता हरियाणा में परिवार के साथ रहते थे। 2014 में पूनम का संबंध हरियाणा में पश्चिम बंगाल के चंदन बोस से हुआ था। वहीं दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। 2015 में चंदन बोस रामवृक्ष यादव के संपर्क में आया और जल्दी ही उसका करीबी बन गया। जवाहरबाग में कब्जा कर समानान्तर सरकार चलाने वाले रामवृक्ष के कागज पत्र और रुपयों के हिसाब वगैरह का जिम्मा चंदन बोस पर ही था।
-Legend News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »