संस्कृति यूनिवर्सिटी के 42 छात्र-छात्राओं को मिला high package

मथुरा। संस्कृति यूनिवर्सिटी के 42 छात्र-छात्राओं को high package पर जाब मिला जिससे आज गुरुवार का दिन इन छात्र-छात्राओं के स्वर्णिम करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। ऊर्जा के क्षेत्र में देश की सुविख्यात कम्पनी बीएसीएस हाईटेक इंजीनियरिंग, भिलाई के कैम्पस प्लेसमेंट में संस्थान के 42 छात्र-छात्राओं ने अपने तकनीकी कौशल और बुद्धिमत्ता से कम्पनी के पदाधिकारियों को न केवल प्रभावित किया बल्कि सेवा का अवसर हासिल करने में भी सफलता हासिल की। कम्पनी ने यहां के छात्र-छात्राओं को मैनेजमेंट ट्रेनी, डिप्लोमा इंजीनियर ट्रेनी, ग्रेज्यएट इंजीनियर ट्रेनी के रूप में सेवा का अवसर प्रदान किया है।

कैम्पस प्लेसमेंट से पूर्व बीएसीएस हाईटेक इंजीनियरिंग, भिलाई के पदाधिकारियों एस.के. अष्ठाना मेंटीनेंस एण्ड आपरेशन, ज्योति चौधरी असिस्टेंट एचआर मैनेजर और पुनीत जंघेला एचआर एक्जीक्यूटिव ने संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं को कम्पनी के कामकाज के साथ ही भविष्य की सम्भावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। मेंटीनेंस एण्ड आपरेशन एस.के. अष्ठाना ने बताया कि कम्पनी के देश भर में थर्मल पावर प्लांट, विंड पावर प्लांट, थर्मल पावर प्लांट तथा हाइड्रो पावर प्लांट कार्य कर रहे हैं। कम्पनी पदाधिकारियों ने इसके बाद छात्र-छात्राओं की लिखित परीक्षा ली, इसके बाद साक्षात्कार लिया गया। संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्रों ने अपनी तकनीकी बौद्धिक क्षमता से कम्पनी के पदाधिकारियों को इस कदर प्रभावित किया कि बीएसीएस हाईटेक इंजीनियरिंग, भिलाई ने 42 छात्र-छात्राओं को बतौर मैनेजमेंट ट्रेनी, डिप्लोमा इंजीनियर ट्रेनी, डीईटी एण्ड जीईटी के रूप में सेवा का अवसर प्रदान किया। चयनित छात्र-छात्राओं ने कहा कि शिक्षा पूरी करने से पहले ही बड़ी-बड़ी कम्पनियों में सेवा का अवसर मिलना हम सभी के लिए खुशी की बात है। छात्रों ने माना कि यह सब संस्कृति यूनिवर्सिटी में प्लेसमेंट पूर्व कराई जा रही तैयारियों का नतीजा है।

संस्थान के कुलाधिपति सचिन गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी की नजर बदलते परिवेश के साथ ही यंगस्टर्स के गोल्डेन करियर पर भी है। एज्यूकेशन हासिल करने के बाद यंगस्टर्स को रोजगार के लिए दर-दर न भटकना पड़े इसके लिए संस्कृति यूनिवर्सिटी ने करियर के कई सारे ऑप्शंस पर ध्यान दिया है। यहां छात्र-छात्राओं की क्रिएटिविटी के साथ उनमें टेक्निकल स्किल्स को शार्प कर इस लायक बनाया जाता है कि वे देश-दुनिया के किसी कोने में आसानी से अपना करियर संवार सकें। प्रोफेशनल्स अपनी क्रिएटिव और टेक्निकल स्किल्स के जरिए अपने पैरों पर खड़ा हो यही संस्कृति यूनिवर्सिटी का मूल उद्देश्य है।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि टेक्निकल एज्यूकेशन संस्कृति यूनिवर्सिटी का सबसे मजबूत पक्ष है। हाईटेक जमाने को देखते हुए यहां पारम्परिक इंजीनियरिंग डिग्री के अलावा आधुनिक कोर्सों पर भी फोकस किया गया है। संस्कृति यूनिवर्सिटी का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को कौशलपरक शिक्षा में दक्ष करना है ताकि वे अपनी प्रतिभा के बूते बड़ी-बड़ी कम्पनियों में जाब हासिल कर सकें। खुशी की बात है कि संस्थान के छात्र लगातार बड़ी-बड़ी कम्पनियों में अपनी प्रतिभा से नौकरी हासिल कर रहे हैं। कार्यकारी निदेशक पी.सी. छाबड़ा, हेड कार्पोरेट रिलेशन आर.के. शर्मा, मैनेजर कार्पोरेट रिलेशन तान्या उपाध्याय, डीन एकेडमिक डा. संजीव कुमार सिंह व निदेशक इंजीनियरिंग डा. राकेश धीमान ने high package पर चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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