केडी हास्पीटल में निकाला अंडाशय से 4.5 किलो ग्राम का Tumor

मथुरा। केडी मेडीकल कालेज, हास्पीटल एंड रिसर्च विंग की डीन डा. मंजू नवानी की ओपीडी में पेट में भयंकर दर्द होने की शिकायत लेकर पहुंची थी कोसीकलां निवासी ज्योति , जिसके अंडाशय से 4.5 किलो ग्राम का Tumor निकाला गया। आपके पेट मेें गैस बनने की शिकायत है। क्या आपको पेट में दर्द महसूस होता है। क्या आपका पेट बिना गर्भावस्था के ही सामान्य से अधिक भारी है। क्या आपको पेट में स्थित अंडाशय की ओर पेट में भारीपन महसूस हो रहा है यदि हां तो आपके अंडाशय में ज्योति की तरह से Tumor भी हो सकता है। यदि ऐसा है तो घबराएं नहीं परिजनों के साथ केडी हास्पीटल की ओपीडी में केडी मेडिकल कालेज की डीन डा. मंजू नवानी से मिलें। आपको भी ज्योति की तरह से जल्द से जल्द राहत मिल सकेगी। ब्रजवासी बहनों को ऐसे दर्द को अब ज्यादा झेलने या छिपाने की जरुरत नहीं वे केडी हास्पीटल में आकर दर्द से पूरी तरह से राहत पा सकती हैं।

केडी मेडीकल कालेज, हास्पीटल एंड रिसर्च विंग की डीन डा. मंजू नवानी की ओपीडी में बीते दिनों कोसीकलां निवासी ज्योति पेट में भयंकर दर्द होने की शिकायत लेकर पहुंची। उन्होंने अल्ट्रासाउंड और अन्य कुछ जांचें करने के बाद परिजनों को बताया कि मरीज ज्योति के अंडाशय में Tumor है जिसे निकाला जाना जरुरी है। मरीज ज्योति ने चिकित्सक को बताया कि उसे एम्स में भी अंडाशय में टयूूमर होने की बात बताई थी। मगर वहां किन्हीं कारणों से वहां आॅपरेशन नहीं करा सकी। परिजनों की सहमति से डीन डा. मंजू नवानी के नेतृत्व में टीम ने मरीज ज्योति का दो घंटे की मेहनत के बाद आॅपरेशन सफलता पूर्वक कर दिया। ओटी टीम में डा. स्मिता गोयल, एनथिएटिस्ट डा. शोभा और सिस्टर विनीशा आदि शामिल रहे। टीम ने मरीज के अंडाशय से साढे चार किलो का टयूमर निकाला है। उसे पांच दिनों के बाद छुट्टी भी दे दी गई। अब वह पूरी तरह से ठीक है। पेट में दर्द से मुक्ति मिल गई है।

अंडाशय और गर्भाशय का टयूमर विकसित होता है तेजी से-डा. मंजू नवानी
केडी मेडिकल कालेज, हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर की डीन डा. मंजू नवानी ने ब्रजवासियांे से अपील करते हुए कहा कि वे केडी हास्पीटल में ऐसे टयूमर होने की जानकारी होते ही निकलवा देना चाहिए। इसके पीछे वजह है कि अंडाशय और गर्भाशय का टयूमर बहुत तेजी विकसित होता है। ये कुछ माह में ही कई किलो वजन तक का हो जाता है। इसी से जल्दी से आपरेशन करा लेना चाहिए। जो बाद में कैंसर टयूमर में बदल सकता है। इससे समय रहते केडी हास्पीटल में निकलवा लें।

गायनी से मरीज दिल्ली-आगरा नहीं केडी हास्पीटल आएं-डा. रामकिशोर अग्रवाल
आरके एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं में टयूमर की बीमारियां होना स्वाभाविक है। केडी हास्पीटल का गायनी डिपार्टमेंट ऐसे मरीजों की सेवा को तत्पर है। केडी हास्पीटल के गायनी डिपार्टमेंट द्वारा आएदिन एक से एक जटिल आॅपरेशनों को अंजाम देकर मरीजों को राहत प्रदान की जा रही है। ब्रज क्षेत्र के ऐसे मरीजों को आगरा दिल्ली के महंगे चिकित्सालयों में जाने की जरुरत नहीं है। वे केडी हास्पीटल में आकर इलाज कराएं।

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