थानों के मालखाने से 29 हजार लीटर शराब गायब, पुलिस ने चूहों पर लगाया इल्‍जाम

अगर आप सोचते है कि बिहार के चूहे ही शराबी होते हैं तो आप गलत हैं। बिहार से एक हजार किलोमीटर दूर हरियाणा के फरीदाबाद के चूहे भी शराबी हैं। चूहे तो चूहे हैं, वो चाहे बिहार के हों या फिर हरियाणा के। फरीदाबाद के चूहे तो बिहार के चूहों से आगे निकल गए, शराब के साथ-साथ गांजा और अफीम जैसे मादक पदार्थ भी चट कर दिया।
बिहार के बाद फरीदाबाद में शराबी चूहे
दरअसल, फरीदाबाद में थानों के मालखाने से 29 हजार लीटर शराब बोतलें, कंटेनरों से गायब मिली है। पुलिस का कहना है कि ये काम चूहों ने किया है। चूहों ने शराब के साथ-साथ गांजा, अफीम जैसे मादक पदार्थों के डिब्बे और पोटली भी कुतर दिया है। एक साल बाद शहर के सभी थानों में जब्त शराब को नष्ट करने के लिए पुलिस कमिश्नर ऑफिस से आंकड़ा जुटाया जा रहा था।
जांच-पड़ताल में खुलासा हुआ कि फरीदाबाद के मालखानों में चूहों ने आतंक मचा रखा है। आंकड़ों के मुताबिक बीते साल सभी थानों ने करीब 53 हजार 473 लीटर देसी शराब, 29 हजार 995 लीटर अंग्रेजी शराब, 2 हजार 804 कैन बियर और 805 लीटर कच्ची शराब जब्त की गई थी। शराब को विभिन्न थानों के मालखानों में रखा गया था। मगर चूहों ने इन्हें कुतर डाला और शराब गटक गए।
बिहार में लाखों लीटर शराब पी चुके हैं चूहे
इससे पहले बिहार के शराबी चूहे मीडिया की सुर्खियां बन चुके हैं। लाखों लीटर शराब बिहार के थानों से गायब हो गया था। तब कहा गया था कि चूहे शराब गटक गए या फिर बर्बाद कर दिए। शराबबंदी के बाद पुलिस ने कई बार शराब जब्त की थी और अलग-अलग थानों में रखी गई थी। जांच के दौरान जब्त शराब की मात्रा कम होने लगी तो जांच के आदेश दिए गए थे। तब इसका खुलासा हुआ। हिसाब-किताब नहीं मिलता देख, कहा गया कि चूहे या तो शराब पी गए या फिर बर्बाद कर दिए।
बाढ़ की बर्बादी भी ला चुके हैं बिहार के चूहे
बिहार में बाढ़ की वजह भी चूहा को बताया जा चुका है। कहा गया था कि चूहों ने बांध में बिल कर दिया था जिसकी वजह से बांध कमजोर हो गया और फिर पानी ज्यादा होने पर बांध टूट गया। मतलब कि चूहों के आतंक को हरियाणा से पहले बिहार झेल चुका है। सरकारी शराब गटकने से लेकर बांध तोड़ने तक की तोहमत चूहों पर लग चुकी है।
चूहों ने कुतर दिया था फर्जी प्रमाणपत्र
बिहार के शरारती चूहे शराब पीने से लेकर बांध तोड़ने तक में हाथ आजमाने के बाद नियोजित शिक्षकों पर भी दांव खेल डाला। नियोजित शिक्षकों के फर्जी प्रमाणपत्र जांच के दौरान यह पता चला कि बदमाश चूहों ने 40 हजार नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्र वाले फोल्डर को कुतर दिया है।
बिहार से हरियाणा तक ‘लाज’ बचाते चूहे
बिहार में अपना जौहर दिखाने के बाद अब ये चूहे हरियाणा में कमाल दिखा रहे हैं। चूहों के आड़ में न जाने भ्रष्टाचार के कितने मामले दम तोड़ देते हैं। वैसे चूहे भी कमाल के हैं, इनसे कुछ भी बचता नहीं है। कागज, शराब, मिट्टी, अनाज सब इनके लिए एक समान है। बदमाश चूहे सिर्फ सिस्टम को परेशानी में ही नहीं डालते बल्कि कइयों की ‘जान’ भी बचाते हैं।
-एजेंसियां

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