अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में 264 देवी-देवताओं की भागीदारी सुनिश्चित, 15 नए देवी-देवता शामिल

अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में इस साल 264 देवी-देवताओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। इनमें गत साल के मुकाबले 15 नए देवी-देवता उत्सव में पहुंचे हैं।
बाह्य सराज निरमंड से लेकर ऊझी घाटी मनाली तक सोने-चांदी के मुख मोहरे तथा आभूषण से सजे देवरथों से अठारह करडू की सौह स्वर्गलोक में तबदील हो गई है। दशहरा उत्सव समिति के रजिस्टर में 264 देवी-देवताओं का पंजीकरण हुआ है।
2017 में यह संख्या 249 थी। 2016 में 227 देवी-देवताओं ने भाग लिया था। दशहरा उत्सव कमेटी ने 305 देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया था। इस साल उत्सव में 264 देवी देवताओं में 99 गैर माफीदार और 137 माफीदार देवी देवता शामिल हुए है।
बिन बुलाए देवी-देवता भी दशहरा में साल दर साल बढ़ रहे हैं। इस साल यह संख्या 15 से बढ़कर 28 तक पहुंच गई है। जिला देवी देवता कारदार संघ के कोषाध्यक्ष शेर सिंह और महासचिव नारायण चौहान ने कहा कि दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं की संख्या बढ़ रही है।
दशहरा उत्सव समिति के उपाध्यक्ष एवं उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में इस साल 264 देवी-देवता पहुंचे हैं। कहा कि देवी-देवताओं के अस्थायी शिविरों में देवलुओं को किसी तरह की समस्या न हो, इसके लिए प्रशासन ने सभी प्रबंध किए हैं।
देवलुओं को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी। इस बार कॉमर्शियल स्पेस कम किया गया है। देवी-देवताओं को स्थान मुहैया करवाया गया है।
-एजेंसियां

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