तब्लीगी जमात के 2550 विदेशी सदस्य ब्लैकलिस्ट, 10 साल तक भारत आने पर रोक

नई दि‍ल्ली। तब्लीगी जमात की गतिविधियों में शामिल 2550 विदेशियों के भारत आने पर 10 साल तक सरकार ने रोक लगा दी है। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से गुरुवार को यह जानकारी दी। इससे पहले उत्तरी दिल्ली में इसी साल 24 फरवरी को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने नई चार्जशीट पेश की थी। इसमें कहा गया था कि हिंसा के तार तब्लीगी जमात और यूपी के दारुल उलूम देवबंद से जुड़े हैं।

ऐसा कहा जा रहा है कि इन नागरिकों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया। इसलिए प्रतिबंध लगाया गया। इन विदेशी जमातियों की संख्या बढ़ सकती है। ये नागरिक माली, नाइजीरिया, श्रीलंका, केन्या, तंजानिया, दक्षिण, अफ्रीका, म्यांमार, थाईलैंड, बांग्लादेश, यूके, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल से हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ये नागरिक टूरिस्ट वीजा पर भारत आकर तब्‍लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इन नागरिकों को वीजा नियकों का उल्लंघन करने के लिए 10 साल के लिए प्रतिबंधित किया गया।

सूत्रों के मुताबिक, ब्लैकलिस्ट किए गए 2200 विदेशियों में नाइजीरिया, माली, म्यांमार, थाईलैंड, तंजानिया, केन्या, श्रीलंका, जिबूती, यूके (OCI कार्ड धारक), दक्षिण, अफ्रीका, बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया और नेपाल के नागरिक शामिल हैं।

इन सभी पर आरोप है कि कोरोना वायरस के संक्रमण शुरुआती दौर में इन्होंने गैरकानूनी तरीके से भीड़ इकट्ठा की, जिससे यह वायरस तेजी से फैला और फिर इसकी चपेट में देश के कई राज्यों के लोग आए। शुरुआती दौर में इनके कारण करीब एक तिहाई लोगों और 17 राज्‍यों में संक्रमण फैला और काफी लोगों की मौत हुई।

निजामुद्दीन मरकज में इकट्ठा हुए थे हजारों लोग

15 मार्च के आसपास देश में कोरोना वायरस का संक्रमण देश में फैलने के साथ लॉकडाउन की शुरुआत हो गई थी, लेकिन दिल्‍ली में धारा 144 लागू होने के बावजूद हजारों जमाती हजरत निजामुद्दीन स्थित तब्‍लीगी मरकज में कई दिनों तक इकट्ठा रहे। इस दौरान कई कथित ऑडियो भी सामने आए, जिसमें हजरत निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज के मुखिया मौलाना साद यह कह रहे थे कि कोरोना वारयस से डरने की जरूरत नहीं है।

मौलाना साद की हुई थी काफी आलोचना

निजामुद्दीन मरकज में इकट्ठे हुए तब्‍लीगी जमात के लोगों की वजह से देश में कोरोना के कई मामले सामने आए थे। विभिन्न राज्यों में जाने से कोरोना तेजी से फैल गया था और इसके बाद मौलाना साद की भी काफी आलोचना हुई। वह आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
इस कड़ी में दिल्‍ली पुलिस ने पिछले बृहस्पतिवार को साकेत कोर्ट में 12 नई चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 541 विदेशी नागरिकों को आरोपित बनाया गया। पुलिस अब तक कुल 47 चार्जशीट फाइल कर चुकी है, जिसमें 900 से अधिक जमातियों को आरोपित बनाया गया है।

– एजेंसी

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