राम मंदिर निर्माण के लिए दिल्‍ली के रामलीला मैदान में जुटेंगे 25000 Muslims

दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा Muslims का जमावड़ा

नई दिल्ली। राम मंदिर निर्माण के लिए Muslims समुदाय का समर्थन जुटाने के लिए राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के Muslims संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तरफ से भी प्रयास शुरू हो गए। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के यासिर जलानी के मुताबिक दिसंबर के दौरान दिल्ली के रामलीला मैदान में भारी संख्या में देशभर से मुस्लिम समुदाय के लोग इकट्ठा होंगे।इसमें राम मंदिर निर्माण को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।

यासिर जलानी ने बताया कि देशभर से मुस्लिम समुदाय के करीब 25000 लोगों को रामलीला मैदान में इकट्ठा करने की कोशिश की जा रही है और इसके लिए, उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग रामलीला मैदान से यह संदेश देंगे के देश का मुस्लिम यह चाहता है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का समय आ गया है।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बारे में

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच राष्ट्रवादी मुस्लिमों का स्वतंत्र संगठन है।यह संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा का संगठन अवश्य है परन्तु यह उससे अलग है। इस संगठन को विश्व का सबसे अच्छा मुस्लिम संगठन होने का गौरव प्राप्त है। इसके राष्ट्रीय संयोजक मुहम्मद अफजल हैं एवं मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार हैं। इस संगठन का गठन 2002 में हुआ है ।

इस संगठन की विचार धारा हिंसा के विरोध में है यह गाँधी के विचारों से प्रेरित हैं। ये राम, कृष्ण इत्यादि इष्टों को अपना पूर्वज मानते हैं तथा मांसाहार न खाने की भी सलाह देते हैं। इनके अनुसार इस्लाम शांति का मजहव है जो किसी भी तरह के खून खराबे को बढावा नही देता। इसलिए ये जानवरों की बलि देने की कुप्रथा के खिलाफ हैं। इस संगठन का नारा है हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई ये आपस में भाई भाई तथा यह संगठन धर्मनिरपेक्ष भारत का समर्थन करता है।

इस संगठन की विचार धारा “देश पहले मजहव बाद में” है भारत में हिन्दू और मुस्लिम समुदायों को एक साथ मिलाने के उद्देश्य से मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की स्थापना की गई थी। इसके सदस्यों एवं पदाधिकारियों का मानना है कि आरएसएस और इसके सहयोगियों को लेकर मुस्लिम समाज में गलत संदेह हैं और यह कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मुस्लिम समुदाय के भीतर नेतृत्व की कमी के लिए जिम्मेदार है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने कई मुद्दों पर आरएसएस का समर्थन किया है, जिसमें गाय-वध करने पर प्रतिबंध सम्मिलित है।

इसके राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजल का कहना है कि गोधरा ट्रेन जलाने और 2002 के गुजरात दंगों के बाद के दिनों में संगठन ने गंभीर प्रतिरोध का सामना किया था ।

-एजेंसी

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