युवाओं के लिए प्रेरणा हैंं 23 वर्षीय भारतीय वैज्ञानिक Roopam Sharma

नई दिल्‍ली। 23 वर्षीय भारतीय वैज्ञानिक Roopam Sharma को अमेरिका की विदेश नीति पत्रिका द्वारा  100 ग्लोबल थिंकर्स  से सम्मानित किया गया और वैश्विक विचारक के रूप में सूचीबद्ध किया गया|

टेक्नॉलोजी में नया अविष्कार करने को लेकर शहर के Roopam Sharma को नैशनल यूथ अवॉर्ड से नवाजा गया। जयपुर में 12 जनवरी को नेेशनल यूथ फेस्टिवल में रूपम शर्मा को सम्मानित किया गया। उन्हें नेेशनल डेेवलपमेंट एंड सोशल सर्विस के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने एक नई तकनीकी मोनोव्यू तैयार की है।

Roopam Sharma ने बताया कि उन्होंने ऐसा ग्लब तैयार किया है जो नेत्रहीन लोगों के लिए वरदान से कम नहीं है। यह ग्लब नेत्रहीन लोग अपनी दायेें हाथ में पहनकर बिना ब्रेल लिपि के शब्दों को पढ़ सकते हैं। इतना ही नहीं बिना स्टिक के चल फिर सकते हैंं। साथ ही स्मार्ट फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे मोनोव्यू का नाम दिया गया है।  मोनोव्यू दुनिया की पहली ऐसी तकनीक है जो ऐसे लोगों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने बताया कि इसकी टेस्टिंग की जा चुकी है। रूपम ने मानव रचना यूूनिवर्सिटी से बीटेक कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है।

वह सबसे कम उम्र के वैज्ञानिक है जिन्हें बिल गेट्स, बराक ओबामा, भारतीय मुकेश अंबानी, भारतीय स्वामी रामदेव जैसे दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों के साथ ये सम्मान प्राप्त हुआ।

रूपम ने मोनोव्यू का आविष्कार किया| मोनोव्यू एक इंटेलिजेंट स्मार्ट ग्लब है जो लाखों दृष्टिहीन लोगों के लिए जीवन और सीखने को आसान बनाता है। इस डिवाइस में एक कैमरा और सेंसर होता है जिसे दस्ताने की तरह आसानी से हाथ से पकड़ा जा सकता है। यह कैमरे के सामने आने वाले अक्षरों को ऑडियो में परिवर्तित करता है लेकिन अगर रास्ते में कुछ बाधाएं हैं, तो सेंसर इसको बताता है। मोनोव्यू से दृष्टिहीन व्यक्ति आसानी से पढ़ सकते है और आसानी से सड़क पार कर सकते हैं|

इस खोज के बाद उन्हें दुनिया भर में सम्मानित किया गया। 2017 में उन्हें भारत के राष्ट्रपति के हाथों नेशनल यूथ अवार्ड मिला और हाल ही में उन्हें बर्लिन में वर्ल्ड हेल्थ समिट का स्टार्ट-अप अवार्ड मिला।

वह माइक्रोसॉफ्ट यूथ स्पार्क के वर्ल्ड चैंपियन बने और माइक्रोसॉफ्ट इमैजिन कप के वर्ल्ड फाइनलिस्ट रहे| उन्हें याहू एसेन्सर इनोवेशन जॉकी अवार्ड 3 बार प्राप्त हुआ| उन्हें ‘एमआईटी टेक रिव्यू’ का यंगेस्ट इंनोवेटर अंडर 35 का सम्मान प्राप्त हुआ। यह पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली छात्र को दिया जाता है। रूपम दुनिया में सबसे कम उम्र के वैज्ञानिक हैं, जिन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

-Legend News

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