‘2+2’ वार्ता: पाक प्रायोजित आतंकवाद सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच गुरुवार को हुई ऐतिहासिक ‘2+2’ वार्ता में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, आपसी सुरक्षा, व्यापार समेत तमाम मसलों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी कर वार्ता को रचनात्मक बताया। भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेरिका द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को ग्लोबल टेररिस्ट्स की सूची में डालने का स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच अहम सुरक्षा समझौते COMCASA पर दस्तखत हुए। इस समझौते के बाद अमेरिका संवेदनशील सुरक्षा तकनीकों को भारत को बेच सकेगा। खास बात यह है कि भारत पहला ऐसा गैर-नाटो देश होगा, जिसे अमेरिका यह सुविधा देने जा रहा है।
आतंक पर पाकिस्तान को खरी-खरी

'2+2' talks: discussions on several issues including Pakistan-sponsored terrorism
‘2+2’ वार्ता: पाक प्रायोजित आतंकवाद सहित कई मुद्दों पर हुई चर्चा

सुषमा स्वराज ने अमेरिकी मंत्रियों के सामने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की नामजदगी स्वागत योग्य हैं। उन्होंने कहा कि 26/11 हमले की 10वीं वर्षगांठ पर हम इसके गुनहगारों को सजा दिलाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। बातचीत में सीमापार आतंकवाद का मुद्दा भी शामिल रहा। सुषमा स्वराज ने कहा कि सीमापार आतंकवाद को समर्थन देने की पाकिस्तान की नीति के खिलाफ अमेरिका का रुख स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि भारत राष्ट्रपति ट्रंप की अफगान नीति का समर्थन करता है। सीमा पर आतंकवाद को समर्थन देने संबंधी पाकिस्तान की नीति को समाप्त करने और दक्षिण एशियाई क्षेत्र में इसे नीति के रूप में इस्तेमाल करने पर लगाम लगाने संबंधी उनका आह्वान हमारे विचारों से मेल खाता है।’
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने COMCASA समझौते को काफी अहम बताया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 2+2 वार्ता की अहमियत को बताते हुए कहा कि कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री की यह पहली संयुक्त यात्रा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा, आपसी व्यापार समेत तमाम मुद्दों पर बातचीत हुई। स्वराज ने कहा कि जून 2017 में वॉशिंगटन में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 2+2 वार्ता का फैसला लिया गया। इस वार्ता में साझा सरोकारों के कई मसलों पर बातचीत हुई।
भारत को एनएसजी सदस्यता के लिए कोशिश करेगा अमेरिका
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि एनएसजी में भारत की यथाशीघ्र सदस्यता के लिए सहमति बनी, अमेरिका इसके लिए सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक भागीदारी आगे बढ़ रही है…दोनों देशों में तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था से दोनों को ही फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति करने वाले देश के तौर पर उभर रहा है, कारोबार को संतुलित और परस्पर लाभकारी बनाने की कोशिश हो रही है।
भारत के लोगों के विश्वास का सम्मान करने की अपील
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत के लोगों को विश्वास है कि अमेरिका उनके हितों को कभी नुकसान नहीं पहुंचाएगा, मैंने अमेरिकी समकक्ष से भारतीय जनता की इस भावना का सम्मान करने को कहा है। सुषमा स्वराज ने कहा, ‘ट्रंप और मोदी के बीच में जो मित्रता है, उससे भारत के लोगों को लगता है कि अमेरिका भारत के खिलाफ कोई काम नहीं करेगा। मैंने पॉम्पियो से कहा है कि अमेरिका भारत के लोगों की इन भावनाओं का ख्याल रखे।’ उन्होंने बताया कि आवागमन की सुविधा और ढांचागत विकास को बल देने के लिए द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
काफी रचनात्मक रही वार्ता: पॉम्पियो
अमेरिकी विदेश मंत्री ने संयुक्त बयान में कहा कि दोनों देशों के बीच रचनात्मक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि फ्री और ओपन इंडिया पसिफिक के लिए दोनों देश प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच सुरक्षा को लेकर COMCASA समझौते को बेहद अहम बताया। पॉम्पियो ने कहा कि बातचीत में अफगानिस्तान और उत्तर कोरिया समेत कई अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »