Chemistry के लिए 3 वैज्ञानिक को संयुक्त रूप से मिला नोबेल

स्‍टॉकहोम (स्वीडन)। Chemistry (रसायन विज्ञान) के क्षेत्र में 3 वैज्ञानिक जॉन बी- गुडएनफ, एम स्टैनली विटिंघम, और अकीरा योशिनो को लिथियम आयन बैटरी के विकास के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया है। इनमें से एक Chemistry वैज्ञानिक ने सबसे उम्रदराज नोबेल विजेता का तमगा भी हासिल कर लिया है।

आपको बता दें कि लीथियम-आयन बैटरी के बिना आधुनिक युग के स्मार्टफोन या फिर सेल्फ स्टार्ट बाइक की कल्पना करना असंभव था.

नए तरह की लीथियम-आयन बैटरियों (Lithium-Ion Batteries) के विकास में इन तीनों का ही अलग-अलग दौर में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वैज्ञानिक समुदाय का मानना है कि इस खोज के लिए लंबे समय से पुरस्कार के इंतजार का इस घोषणा के साथ अंत हो गया है।

लीथियम-आयन बैटरी (Lithium-Ion Batteries) ही बैटरियों की वह तकनीक थी, जिसे वास्तविक तौर पर हल्का कहा जा सके। इन बैटरियों के चलते ही आगे चलकर पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की राहें आसान हो सकीं। इन छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में हम मोबाइल फोन-स्मार्टफोन (Mobile Phone), पेसमेकर (Pacemaker) और इलेक्ट्रिक कारों (Electric Cars) की बात भी कर सकते हैं। इन सारे उपकरणों के नए संस्करण नए तरह की लीथियम-आयन बैटरियों के चलते ही विकसित हो सके।

एक साल में ही टूट गया सबसे उम्रदराज नोबेल विजेता का रिकॉर्ड
इस पुरस्कार को पाने के साथ ही जॉन बी गुडइनफ (John B. Goodenough) नोबेल पुरस्कार पाने वाले सबसे उम्रदराज वैज्ञानिक बन गए। उन्हें यह पुरस्कार 97 साल की उम्र में मिला। इससे पहले पिछले साल 96 साल की उम्र में यह पुरस्कार पाकर ऑर्थर एश्किन सबसे उम्रदराज नोबेल विजेता बने थे लेकिन उनका रिकॉर्ड बस एक साल में ही टूट गया।

कल मंगलवार को भौतिकी के क्षेत्र में विजेताओं की घोषणा की गई। ब्रह्मांड के राज खोलने के लिए जेम्स पीबल्स, मिशेल मेयर और डिडिएर क्यूलॉज को इस बार भौतिकी के नोबेल से नवाजे जाने की घोषणा की गई।

कनाडियन-अमेरिकन वैज्ञानिक जेम्स पीबल्स को भौतिक ब्रह्माण्ड विज्ञान में सैद्धांतिक खोज के लिए और स्विस वैज्ञानिक मिशेल मेयर तथा डिडिएर क्यूलॉज को संयुक्त रूप से एक्सोप्लैनेट की खोज के लिए दिया गया।

वहीं, चिकित्सा के क्षेत्र में तीन वैज्ञानिकों को दुनिया का सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने के लिए चुना गया। इन वैज्ञानिकों के नाम विलियम जी केलिन, सर पीटर जे रैटक्लिफ और ग्रेग एल सेमेन्जा हैं। इन्होंने इस चीज की खोज की थी कि कैसे सेल्स ऑक्सीजन को जलाते हैं ताकि शरीर को ऊर्जा मिल सके और नई कोशिकाओं को बनने में मदद मिले।

-एजेंसी

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