2019 लोकसभा चुनाव: एकजुट विपक्ष से निपटने में BJP के मददगार बनेंगे ये तीर

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ऐसी तस्वीर बनती दिख रही है जहां BJP को एकजुट विपक्ष से मुकाबला करना पड़ सकता है। ऐसे में BJP की उम्मीदें दलित-ओबीसी में उसके सपोर्ट बेस के अलावा हिंदुत्व एजेंडे पर टिकी हुई हैं। इसी वजह से BJP ने एक तरफ पिछड़े समुदाय से जुड़े बिलों को आगे बढ़ाया है तो दूसरी तरफ अवैध प्रवासियों को लेकर मोर्चा खोला है।
बीजेपी के कई नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि असम के नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) का मामला खासकर पूर्वी राज्यों और हिंदी पट्टी में बीजेपी के लिए वोट जुटाने वाला साबित हो सकता है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह संसद से लेकर सड़क तक हर जगह इस मुद्दे को उठा रहे हैं। अमित शाह अपने इस कैंपेन में बीजेपी को अकेले राष्ट्रीय सुरक्षा का ख्याल रखने वाली जबकि विपक्ष को वोट बैंक को तरजीह देने वाला साबित करने में जुटे हुए हैं।
बीजेपी की कोशिश है कि यूपी और राजस्थान जैसे प्रदेशों के उपचुनावों में मिली हार के बावजूद 2014 के आम चुनावों में दलित और अन्य पिछड़े वर्ग से उसे जो समर्थन हासिल हुआ था, उसका बड़ा हिस्सा 2019 के चुनावों तक बना रहे। पार्टी मैनेजरों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के एससी-एसटी ऐक्ट पर दिए गए फैसले को पलटने के लिए लोकसभा में बिल लाने से इस समुदाय का दिल जीतने में मदद मिलेगी।
यूपी में अखिलेश और मायावती के हाथ मिलाने के बाद बीजेपी के लिए इस समुदाय का समर्थन हासिल करना काफी अहम हो गया है। 2014 में बीजेपी को यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से 71 और उसकी सहयोगी अपना दल को 2 सीटों पर जीत मिली थी। संयुक्त विपक्ष से लड़ाई होने पर बीजेपी के लिए इस प्रदर्शन को दोहराना काफी कठिन माना जा रहा है। बीजेपी को उम्मीद है कि 10 अगस्त को खत्म हो रहे मॉनसून सत्र में एससी-एसटी ऐक्ट बिल संसद से पास हो जाएगा।
ओबीसी समुदाय का दिल जीतने के लिए बीजेपी एक दूसरे बिल का सहारा ले रही है। लोकसभा ने पिछले हफ्ते पिछड़ा आयोग को एससी-एसटी आयोग की तरह संवैधानिक दर्जा देने के लिए एक बिल पास किया है। बीजेपी इस बिल को खुद के ओबीसी समुदाय के हितैषी होने के सबूत के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। पार्टी के नेता ने बताया कि ये सारे मुद्दे बीजेपी की 18-19 अगस्त को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी शामिल किए जाएंगे।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »