2014 की तर्ज़ पर भाजपा की Social Media टीम करेगी आक्रामक प्रचार

नई दिल्‍ली। भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष श्याम जाजू के नेतृत्व में गठित पार्टी की Social Media टीम अब लोकसभा चुनाव 2019 के लिए समय-समय पर संदेश तैयार करेगी। पार्टी की Social Media यूनिट के जरिये इन संदेशों को हर राज्य के बूथ स्तर तक पहुंचाने की योजना तैयार कर ली गई है। टीम के काम की मजबूती को बनाये रखने के लिए 2014 में काम कर चुकी टीम के कई सदस्यों को वापस लाया गया है।

एक दैनिक समाचार पत्र को दिए इंटरव्‍यू में पार्टी के Social Media टीम के प्रमुख श्याम जाजू ने बताया कि सोशल मीडिया के ज़रिये सबसे बड़ा लक्ष्य मोदी सरकार की योजनाओं की जानकारी को जनता तक पहुंचाना निश्चित किया गया है। वर्तमान सरकार की विभिन्न योजनाओं के 22 करोड़ प्रत्यक्ष लाभार्थी रहे हैं। हमारी कोशिश अपनी इन सफलताओं के जरिये जनता में ये विश्वास पैदा करने की है कि सरकार ने देश में जमीनी बदलाव किया है। इसके जरिये हम विपक्ष की नकारात्मक प्रचार का जवाब देने की रणनीति भी बनायेंगे जो यह दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार कई मोर्चों पर अपेक्षा से कम काम कर पाई है। गलत आंकड़े देकर सरकार की छवि को नकारात्मक बनाने की कोशिशों का भी इसी तरीके से जवाब दिया जाएगा।

ये होगी सोशल मीडिया यूनिट की संरचना

दैनिक समाचार पत्र के अनुसार भाजपा की एक केन्द्रीय टीम दिल्ली में समसामयिक विषयों का चुनाव कर विशेष सन्देश तैयार करेगी। पार्टी ने social media में काम करने वाले कार्यकर्ताओं का एक संगठन इस तरह तैयार किया है कि कुछ ही देर में ये सन्देश देश के कोने-कोने तक पहुंच जायेंगे। सोशल मीडिया की केन्द्रीय टीम में 15 लोगों को जगह दी गई है। इनमें से ज्यादातर वे युवा लोग हैं जो इस समय देश की विभिन्न कम्पनियों में सॉफ्टवेर इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे हैं, तकनीकी के मामले में दक्ष हैं और निर्देश मिलते ही किसी भी विषय पर टेक्स्ट, विडियो और ऑडियो संदेश बना सकते हैं।

केन्द्रीय टीम के नीचे सभी राज्यों में पांच-पांच लोगों की एक टीम काम करेगी। इस टीम के नीचे हर राज्य के सांगठनिक ढांचे के हिसाब से प्रत्येक जोन में पांच-पांच प्रभारी होंगे। इसके आलावा हर लोकसभा क्षेत्र में 20 प्रभारी नियुक्त किये गये हैं। इनके नीचे हर मंडल पर 10 प्रभारी और हर बूथ का एक प्रभारी बनाये जायेंगे। अब तक की जानकारी के मुताबिक़ ज्यादातर स्तरों पर कार्यकर्ताओं को नियुक्त कर दिया गया है।

कुछ स्थानों पर अभी नियुक्ति होनी है जो जनवरी माह के अंत तक कर दी जाएगी। पार्टी ने हर विधानसभा में कम से कम 20 हजार व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने का लक्ष्य बनाया है। हर जिले में पार्टी का एक फेसबुक पेज चुनाव के उद्देश्य से बनाया गया है। इसको लाइक करने वालों की संख्या कम से कम तीन लाख निर्धारित किया गया है।

हर बूथ पर कितनों से पहुंच बनाएगी पार्टी?

जानकारी के मुताबिक़ बीजेपी सोशल मीडिया टीम हर बूथ पर एक प्रभारी नियुक्त कर रही है। इन प्रभारियों के पास उनके बूथ के कम से कम पांच, और अधिकतम जितना संभव हो, ऐसे लोगों की सूची होगी जिनके पास स्मार्ट फोन हों और वे सक्रिय रूप से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हों। इनकी भूमिका किसी भी संदेश को स्थानीय लोगों के फोन तक पहुंचाना होगा। इसके अलावा इन कार्यकर्ताओं को सरकार के कामों की स्थानीय लोगों के बीच चर्चा करनी है जिससे लोगों को इनके बारे में जानकारी हो।

तेजी से बढ़ रहा स्मार्ट फोन का प्रयोग

दरअसल देश में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, इसलिए राजनीतिक दलों ने अपनी बात जनता तक पहुंचाने के लिए इसे हथियार बनाने की बात सोची है। एक आंकड़े के मुताबिक़ वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के समय भारत में कुल मोबाइल उपभोक्ताओं के लगभग 22.2 फीसदी स्मार्ट फोन ग्राहक थे।

वर्ष 2015 में ये आंकड़ा 26.3 फीसदी था, जो वर्ष 2016 में 29.8 फीसदी, वर्ष 2017 में 33.4 फीसदी और वर्ष 2018 में लगभग 36 फीसदी तक पहुंच चुका है। आंकड़े के मुताबिक़ वर्ष 2017 में भारत में कुल स्मार्टफोन ग्राहकों की कुल संख्या 299.24 मिलियन थी। वर्ष 2018 में यह 339.95 हो चुकी थी और वर्ष 2019 में इसके 373.88 तक पहुंच जाने का अनुमान है।

-एजेंसी

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