नोटबंदी के दौरान ब्लैकमनी खपाने के लिए बरेली की एसबीआई ब्रांच में खोले गए 2000 नए खाते

2000 new accounts opened in Barii's SBI branch for the consumption of blackmoney during notebandi
नोटबंदी के दौरान ब्लैकमनी खपाने के लिए बरेली की एसबीआई ब्रांच में खोले गए 2000 नए खाते

नई दिल्‍ली। उत्तर प्रदेश के बरेली में एसबीआई की एक ब्रांच में नोटबंदी के दौरान 2000 नए खाते खोले गए। इनमें करीब आठ करोड़ रुपए जमा किए गए। सीबीआई जांच में यह खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि ये अकाउंट ब्लैकमनी ठिकाने लगाने के लिए खोले गए थे।
न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, सीबीआई ने अब इस मामले में बैंक के अनजान ऑफिशियल्स और अनजान लोगों के खिलाफ साजिश रचने, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज की है।
सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर सीबीआई बरेली में एसबीआई की सिविल लाइंस ब्रांच में 2 जनवरी को अचानक जांच करने पहुंची थी।
पड़ताल के दौरान पता चला कि इस ब्रांच में नोटबंदी के दौरान 8 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच कई ऐसे अकाउंट्स में काफी रकम जमा की गई थी, जिनमें लंबे समय से लेनदेन नहीं हुआ था।
सीबीआई ने यह भी पाया कि इस दौरान यहां बैंक ऑफिशियल्स ने 2441 नए अकाउंट्स खोले गए।
794 बार 1 लाख से ज्यादा की रकम जमा की गई
इन 2441 अकाउंट्स में से 667 सेविंग अकाउंट्स, 53 करंट, 94 जनधन आकउंट्स, 50 पीपीएफ, 1518 एफडी, 13 फेस्टिवल अकाउंट्स, 2 सीनियर सिटिजंस और एक गवर्नमेंट अकाउंट खोला गया।
जांच में यह भी पाया गया कि इस ब्रांच में 794 बार एक लाख या उससे ज्यादा रकम जमा की गई।
इनमें कई बार तो बहुत बड़ी रकम जमा की गई। हालांकि, सूत्रों ने उसका खुलासा नहीं किया।
रिकॉर्ड भी मेन्टेन नहीं किया
एफआईआर के मुताबिक, “यह पाया गया कि 267 ऐसे अकाउंट्स जिनमें लंबे वक्त से लेनदेन नहीं हुआ था उन्हें बैंक ऑफिशियल्स ने नोटबंदी के बाद एक्टिव किया। ऐसा प्राइवेट पर्सन्स के पुराने नोट जमा करने के लिए किया गया।”
एफआईआर में यह भी कहा गया है कि इसमें ऑफिशियल्स ने टेलर रिपोर्ट्स, पुराने नोट लेने और इन्हें नए नोटों में बदलने की डिटेल भी मेंटेन नहीं की।
-एजेंसी

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