20 साल बाद फ्रांस के पास फिर फुटबॉल वर्ल्ड चैंपियन बनने का मौका

मॉस्को। आज फ्रांस के पास 20 साल बाद फिर से फुटबॉल का वर्ल्ड चैंपियन बनने का मौका है लेकिन पहली बार फाइनल में पहुंची करिश्माई क्रोएशिया भी कम नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया, पेरू, अर्जेंटीना, उरुग्वे और बेल्जियम को हराकर फाइनल तक पहुंचने का सफर फ्रांस को हर दिल अजीज बना रहा है। यह टीम इस वर्ल्ड कप में अब तक 10 गोल कर चुकी है, जिनमें इसके स्टार प्लेयर एंटोइन ग्रीजमैन और किलियन एमबापे के 3-3 गोल हैं।
फ्रांस को आस, खत्म हो 20 साल का वनवास
20 साल में यह तीसरी बार फाइनल में पहुंची है। 1998 में यह चैंपियन और 2006 में रनरअप रही। अब जीता तो 20 साल बाद फिर चैंपियन होगा। इस टीम के 78% खिलाड़ी शरणार्थी परिवारों से हैं। टीम के 12 खिलाड़ियों का जन्म अफ्रीकी देशों में हुआ।
क्रोएशिया के लिए यह सपने सरीखा
अगर आप सोच रहे हैं कि महज 40 लाख की आबादी वाला क्रोएशिया वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश है, तो यह सही नहीं है। यह श्रेय जाता है उरुग्वे टीम के नाम। 1930 के पहले वर्ल्ड खिताब को अपने नाम करने वाले उरुग्वे की आबादी उस वक्त सिर्फ 10 लाख 70 हजार थी।
बहरहाल, फीफा रैंकिंग्स में 20वें नंबर पर मौजूदा क्रोएशिया वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने वाली सबसे कम रैंकिंग्स वाली टीम है और 13 अलग-अलग देश ऐसा कर चुके हैं।
क्रोएशिया का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
यह क्रोएशिया का वर्ल्ड कप का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है जबकि 20 साल पहले वह तीसरे नंबर पर पहुंची थी, जब आखिरी चार में फ्रांस के हाथों ही उसकी हार हुई थी लेकिन इस बार क्रोएशिया के लिए यह एक ड्रीम रन की तरह है। पूरे क्रोएशिया में जश्न का माहौल है, हजारों प्रशंसक सड़कों पर उतरकर नाच-गा रहे हैं और हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लहराते नजर आ रहे हैं।
ड्रीम, ड्रीम, ड्रीम!
क्रोएशिया के एक न्यूजपेपर ने लिखा- ‘ड्रीम, ड्रीम, ड्रीम! क्रोएशिया वर्ल्ड कप के फाइनल में है।’ एक स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट कहा – ‘वे कहते हैं कि हमारे गेम में एक्साइटमेंट नहीं है लेकिन इसकी परवाह कौन करता है? हम खुद को एक्साइट करते हैं और यही हमारे लिए मायने रखती है’।
फ्रांस को भरने हैं यूरो-2016 के घाव
यह टीम 2016 में अपने घर में बढ़िया खेलते हुए यूरोपियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंची, लेकिन खिताब के लिए फेवरिट माने जाने के बावजूद फ्रांसीसी टीम पुर्तगाल के हाथों हार गई। फ्रांस को उस हार का मलाल अब तक है और अब उसे संडे को इस पर मरहम लगाने का सुनहरा मौका है। टीम उसी को ध्यान में रखते हुए अपना सब कुछ झोंक देना चाहती है।
अब हालात अलग हैं
फ्रांसीसी मीडिया भी फीफा वर्ल्ड कप फाइनल को दो साल पहले यूरो की हार से लगे जख्म को भरने का मौका मान रही है। वहां के एक अखबार का कहना है कि इस बार हालात अलग हैं, खिलाड़ी अब परिपक्व हो चुके हैं और टीम के पास किलियान एमबापे भी हैं! फ्रांस का यह फॉरवर्ड कहर बरपा रहा है और वह क्रोएशियाई डिफेंस को ध्वस्त करने में सक्षम कई हथियारों में से एक है।
फ्रांस की मीडिया ने खासकर फाइनल में टीम की अतिरिक्त तैयारियों पर जोर दिया है। उसका कहना है कि फ्रांस ने अपना सेमीफाइनल क्रोएशिया से एक दिन पहले खेला और इस टीम ने अपने सभी नॉकआउट मैच नॉर्मल टाइम में जीते जबकि उनके विरोधियों को इसके लिए एक्स्ट्रा टाइम की जरूरत पड़ी।
-एजेंसी

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