CAA विरोधी प्रदर्शनों में 2 लोगों की मौत, 17 घायल

कोलकाता/पटना। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देशभर में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में इन प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। यहां पर प्रदर्शन के बीच देसी बम फेंके गए और गोलियां भी चलाई गईं। इस दौरान दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक शख्स घायल हो गया। घायल व्यक्ति को आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया है।
बता दें कि भारतीय नागरिक मंच की ओर से यहां बंद का ऐलान किया गया था लेकिन इस दौरान यहां से बवाल की खबरें सामने आईं।
हिंसा की खबरें सामने आने के बाद पुलिस की टीम को मौके पर भेजा गया ताकि स्थितियों पर नियंत्रण किया जा सके। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीएए को लेकर जलंगी में दो समूहों के बीच बहस शुरू हो गई जो झड़प में बदल गई। इस झड़प में दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। घायल शख्स को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
इधर, सीएए के खिलाफ अनिश्चित काल के लिए पश्चिम बंगाल के पार्क सर्कस मैदान में धरने पर बैठी 60 मुस्लिम महिलाओं ने बुधवार को 23वें दिन भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। इस मैदान को ‘कोलकाता का शाहीन बाग’ कहा जा रहा है। इनमें गृहणियों से लेकर पेशेवर महिलाएं तक शामिल हैं, जिनके वहां से हटने की फिलहाल कोई योजना नहीं दिख रही है। धरने पर बैठी महिलाओं में से एक गृहिणी परवीन नजीर का मानना है कि इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी ताकत यह है कि प्रदर्शनकारी किसी राजनीतिक समूह से जुड़े नहीं हैं।
‘कोलकाता का शाहीन बाग’
परवीन नजीर ने कहा, ‘हमारी एकमात्र पहचान यह है कि हम भारतीय हैं, और हम महिलाएं हैं, जो किसी ताकत से नहीं डरती।’
बीजेपी ने आरोप लगाए हैं कि ये प्रदर्शनकारी भारतीय नहीं, बल्कि घुसपैठिए हैं, जिस पर नजीर ने कहा कि ‘हम कई पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं, सदियों से हिंदुओं के साथ दुर्गा पूजा समारोहों में भाग लेते आ रहे हैं।’
सीतामढ़ी में दो समूहों के बीच बवाल
सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले में बुधवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के खिलाफ और समर्थन के लिए प्रदर्शन जुटे दो समूहों के बीच बवाल हो गया। यहां दोनों गुटों के लोग हाथों में लाठियां लेकर एक दूसरे पर हमला करने लगे। इस बवाल में 15 लोग घायल हो गए हैं। इस भयानक घटना के बाद पुलिसकर्मियों को बवाल वाली जगह पर तैनात कर दिया गया है।
सीएए और एनआरसी के विरोध में विभिन्न संगठनों के आह्वान पर बिहार में बुधवार को ‘भारत बंद’ का मिला-जुला असर देखा जा रहा है। कई राजनीतिक संगठनों ने भी ‘बंद’ का समर्थन किया है। सीएए तथा एनआरसी के विरोध में बंद के समर्थन में जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी भी सड़क पर उतरे और इन नेताओं ने पटना के डाकबंगला चौराहे पर समर्थकों के साथ नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया।
इन जगहों पर दिखा बंद का असर
वामदलों के कार्यकर्ता सुबह से ही बंद को सफल बनाने के लिए सड़कों पर रहे। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने हालांकि इस बंद का समर्थन नहीं किया है। इधर, पटना में अधिकांश दुकानें खुली रही लेकिन कई स्थानों पर बंद समर्थकों के सड़कों पर उतरने के कारण आवागमन बाधित हुआ। इस बीच, एनआरसी, सीएए और एनपीआर के विरोध में अररिया में वामदलों के कार्यकर्ता जिला मुख्यालय सहित प्रखंड व शहरी इलाकों में सड़कों पर उतर आए। भोजपुर, किशनगंज, गोपालगंज, बेगूसराय में भी बंद का असर देखा जा रहा है।
उधर, पटना के डाकबंगला चौक पहुंचे आरएलएसपी के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि आज लोगों को सीएए नहीं शिक्षा चाहिए, एनआरसी नहीं स्वास्थ्य सुविधा चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है, जिससे लोगों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। हम के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि आज सीएए, एनआरसी की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को विदेश में रह रहे लोगों की चिंता है लेकिन देश के गरीब और अल्पसंख्यकों की चिंता नहीं है।
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *