सबरीमाला में प्रवेश पर आदेश के खिलाफ Review Petition के 19 मामले, सुनवाई कल

नई दिल्‍ली। सबरीमाला में महिलाओं को प्रवेश के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी बवाल जारी है। 10 से 50 वर्ष की की महिलाओं के प्रवेश पर पूर्ववत पाबंदी लगाने के लिए सर्वोच्च अदालत में कई रिट और Review Petition भी दी गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की महिलाओं की एंट्री की इजाजत के खिलाफ रिट और Review Petition के कुल 19 मामले हैं। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह मंगलवार पर इन पर सुनवाई करेगी। बता दें कि सबरीमाला मंदिर आज रात दस बजे पांच दिन की पूजा के बाद बंद हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी उम्र की महिलाओं को सबरीमाला में प्रवेश की इजाजत देने के फैसले के बाद पहली बार 18 अक्टूबर को मंदिर के कपाट खोले गए थे।
सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश का लगातार विरोध स्थानीय लोग और धार्मिक संस्थाएं कर रही हैं। मंदिर के द्वार पिछले सप्ताह 5 दिन की मासिक पूजा के लिए खोले गए थे। उसके दोनों मुख्य रास्तों, निलक्कल और पम्बा पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हैं। बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती के बावजूद दर्शन के लिए जा रहीं महिलाओं को लौटा दिया गया।
महिलाओं के प्रवेश के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के बाद पम्बा में मौजूद पुलिस बल ने मीडिया को वहां से जाने का निर्देश दिया है। आंध्र प्रदेश की एक महिला को प्रदर्शन के कारण भगवान अयप्पा स्वामी के दर्शन किए बगैर पम्बा से लौटना पड़ा। आंध्र प्रदेश की पूर्वी गोदावरी जिला निवासी माधवी शीर्ष अदालत के फैसले के बाद सबरीमाला पहाड़ी पर चढ़ने वाली पहली रजस्वला आयु वर्ग की महिला हैं।
बता दें कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश का ऐतिहासिक फैसला सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया। हालांकि कोर्ट के इस फैसले का केरल में पुरजोर विरोध भी हो रहा है क्योंकि भगवान अय्यप्पा को ब्रह्मचारी माना जाता है और इसलिए उनके मंदिर में धार्मिक आस्था के आधार पर रजस्वला आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर बैन लगाया गया था।
-एजेंसियां

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