बुंदेलखंड में होगा POCSO Act के अधीन 15 न्यायालयों का गठन

हमीरपुर। हमीरपुर में शासन ने POCSO Act (बालकों के संरक्षण अधिनियम-2012) के अधीन न्यायालयों में बलात्कार से संबंधित अपराधों के वादों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की तैयारी की है। POCSO Act ए बुंदेलखंड में 15 न्यायालय गठित करने के आदेश जारी किए हैं।

इन न्यायालयों में नए स्टाफ के साथ एक अपर सत्र एवं न्यायाधीश की नियुक्ति की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि जब तक स्टाफ की नियुक्ति नहीं होती है। तब तक सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती कर कार्य लिया जा सकता है।

नाबालिगों से हो रहे बाल अपराधों, बलात्कार की घटनाओं में त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से शासन ने प्रत्येक जिले में अलग से न्यायालय गठित करने के यह आदेश दिए हैं। विधि एवं न्याय मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने पाक्सो एक्ट से संबंधित मामलों में त्वरित निस्तारण के लिए बुंदेलखंड के हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, बांदा, झांसी, जालौन, ललितपुर में एक-एक न्यायालय गठित करने को कहा है।

वहीं दुष्कर्म के साथ पाक्सो के अपराधों के ट्रायल के लिए जिले में दो न्यायालय गठित करने के निर्देश जारी किए हैं। इसी तरह महोबा, चित्रकूट, बांदा, झॉसी, जालौन, ललितपुर में दो-दो न्यायालय गठित किए जाएंगे।

शासन के प्रमुख सचिव जेपी सिंह ने भेजे पत्र में कहा है कि प्रत्येक न्यायालय में एक अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, एक आशुलिपिक, एक रीडर, एक सीनियर लिपिक की नियुक्ति की जाएगी। जबकि आउट सोर्सिंग के माध्यम से प्रत्येक न्यायालय में एक जूनियर असिस्टेंट कापिस्ट, एक अर्दली, एक प्यून, एक दफ्तरी की भी नियुक्ति होगी।

यही नहीं शासन से जब तक इन पदों पर नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों को तैनात कर उनसे कार्य लेने के भी आदेश दिए हैं। जनपद में अलग से पॉक्सो एक्ट के न्यायालय गठित हो जाने से पीड़ित लोगों में जल्द न्याय की आस जगी है और शासन के इस निर्णय की जनपद के संभ्रांत नागरिकों, बुद्धिजीवियों ने सराहना की है।
– एजेंसी

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