क्रांतिकारी खुदीराम बोस का 128th जन्मदिन मनाया गया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आज महान क्रान्तिकारी एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद खुदीराम बोस का 128वां जन्मदिन मनाया गया।

प्रदेश में महान क्रान्तिकारी शहीद खुदीराम बोस का विभिन्न सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा 128वां जन्मदिन मनाया गया।

इस अवसर पर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आजाद पार्क में सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी खुदीराम बोस की फोटो पर माल्यार्पण किया और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

जौनपुर के सरांवा गांव में स्थित शहीद लाल बहादुर गुप्त स्मारक पर हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी एवं लक्ष्मीबाई ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने देश की आज़ादी के महान क्रांतिकारी एवं स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी शहीद खुदीराम बोस का 128वां जन्मदिन मनाया। कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर शहीद स्मारक पर मोमबत्ती एवं अगरबत्ती जलाया और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें अपनी श्रंद्धाजलि दी।

खुदीराम बोस के बारे में विकीपीडिया से प्राप्‍त जानकारी

खुदीराम बोस (बांग्ला: ক্ষুদিরাম বসু ; जन्म: ३-१२-१८८९ – मृत्यु : ११ अगस्त १९०८ ) भारतीय स्वाधीनता के लिये मात्र १९ साल की उम्र में हिन्दुस्तान की आजादी के लिये फाँसी पर चढ़ गये। कुछ इतिहासकारों की यह धारणा है कि वे अपने देश के लिये फाँसी पर चढ़ने वाले सबसे कम उम्र के ज्वलन्त तथा युवा क्रान्तिकारी देशभक्त थे। लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि खुदीराम से पूर्व १७ जनवरी १८७२ को ६८ कूकाओं के सार्वजनिक नरसंहार के समय १३ वर्ष का एक बालक भी शहीद हुआ था।

उपलब्ध तथ्यानुसार उस बालक को, जिसका नम्बर ५०वाँ था, जैसे ही तोप के सामने लाया गया, उसने लुधियाना के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर कावन की दाढी कसकर पकड ली और तब तक नहीं छोडी जब तक उसके दोनों हाथ तलवार से काट नहीं दिये गये बाद में उसे उसी तलवार से मौत के घाट उतार दिया गया था। -एजेंसी