मां लापता, श‍िकायत लेकर CM yogi के पास पहुंचा बच्चा

नई द‍िल्ली। सात महीने से लापता मां को ढूढ़ने में नाकाम 12 वर्षीय क‍िशोर ने कल पूरे सिस्टम से जूझते हुए CM yogi  आद‍ित्यनाथ मुख्यमंत्री के आवास पर प्रार्थनापत्र देकर मां को ढूंढने के लिए गुहार लगाई है ।

गाजियाबाद के मोदीनगर के इस बच्चे ने पहले अपनी मां के लापता होने की एफआईआर दर्ज कराई। कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने जिलाधिकारी के जनसुनवाई पोर्टल में शिकायत की। यहां भी सुनवाई नहीं हुई तो पांच दिन पहले बच्चा CM yogi  आदित्यनाथ से मिलने अकेला ही लखनऊ चला आया।

दैन‍िक समाचार पत्र की खबर के अनुसार अफसरों से मदद का आश्वासन मिलने के बाद बच्चा इस इंतजार में लखनऊ में रुका रहा कि उसकी मां जल्द मिल जाएगी। इस दौरान अपनी शिकायत की प्रगति जानने के लिए वह जिलाधिकारी से मिलने के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाता रहा। बृहस्पतिवार को कैसरबाग पुलिस ने उसे कलेक्ट्रेट में भटकते देखकर चाइल्ड लाइन को सूचना दी। चाइल्ड लाइन के परामर्शदाता कृष्ण प्रताप ने बताया कि बच्चे को सुपुर्दगी में ले लिया गया है। उसकी काउंसलिंग कराने के साथ ही गाजियाबाद पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।

कक्षा सात में पढ़ता है मासूम बच्चा
मासूम बच्चा गाजियाबाद के मोदीनगर में रहकर कक्षा सात की पढ़ाई कर रहा है। वह अपने बूढ़े दादा-दादी के साथ रहता है। बच्चे ने बताया कि पिता भी कुछ साल से लापता हैं। अब मां ही सहारा थीं। यह कहते-कहते मासूम की हिचकियां बंध गईं।

उसने कहा ,‘पता नहीं मां कहां होंगी। किस हाल में होंगी।’ मासूम ने बताया कि उसके पिता पार्टियों में बैलून डेकोरेशन का काम करते थे। एक दिन अचानक वह लापता हो गए। काफी तलाशा, लेकिन कुछ पता नहीं चला। 19 अप्रैल को मां भी कहीं चली गई। वह नौकरी की बात कहकर घर से निकली थीं।

बोली थीं कि दिल्ली में किसी मोनू नाम के व्यक्ति के पास जा रही हैं। जाने के कुछ दिन बाद तक वह फोन पर बातचीत करती रहीं। एक दिन अचानक उन्होंने बातचीत करना बंद कर दिया। एक महीने बाद बच्चा मोदीनगर थाने पहुंचा और पुलिस से मां को ढूंढने की गुहार लगाई।

मोदीनगर थाने की पुलिस ने 27 मई को उसकी दी गई जानकारी के मुताबिक जोगेंद्र व कपिल नाम के व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। हालांकि, उसकी मां को पुलिस नहीं ढूंढ सकी। मां के लिए भटकते हुए मासूम को किसी ने जिलाधिकारी से मिलने को कहा। उसने जिलाधिकारी की जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन मदद नहीं मिली। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अफसरों के चक्कर काटने के बाद भी मासूम को मां नहीं मिली तो उसने लखनऊ आकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का फैसला लिया।

चारबाग के रैन बसेरा में ठहरा था मासूम
पांच दिन पहले वह ट्रेन से अकेले ही लखनऊ चला आया। लोगों से पूछते-पूछते वह मुख्यमंत्री आवास पहुंचा और वहां मौजूद अधिकारियों से मां को ढूंढने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। बच्चे ने बताया कि सबने उसकी बात ध्यान से सुनी और मदद का भरोसा दिलाया।

वह अपने प्रार्थनापत्र पर हुई प्रगति जानने के लिए जिलाधिकारी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचा। दो दिन लगातार कलेक्ट्रेट के चक्कर काटे, लेकिन किसी वजह से जिलाधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी। बृहस्पतिवार को कैसरबाग पुलिस ने उसे भटकते देखकर चाइल्ड लाइन को सूचना दे दी। चाइल्ड लाइन के परामर्शदाता कृष्ण प्रताप ने बताया कि बच्चे को राजकीय बाल गृह में रखा गया है।

कैसरबाग पुलिस और चाइल्ड लाइन के सदस्यों ने मासूम बच्चे से बात की तो उसका हौसला व हिम्मत देख दंग रह गए। बच्चे ने बताया कि वह चारबाग के रैन बसेरा में ठहरा हुआ था। खाने-पीने और दौड़-भाग के लिए कुछ पैसे अपने साथ लाया था।
– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »