लिंगायत समुदाय के प्रतिष्ठित संत Siddaganga का 111 साल की उम्र में निधन

बेंगलुरु। लिंगायत समुदाय के प्रतिष्ठित संत Siddaganga का 111 की उम्र में आज सोमवार को निधन हो गया। सिद्दागंगा पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे।

लिंगायत समुदाय के प्रतिष्ठित संत Siddaganga का सोमवार को 111 साल की उम्र में निधन हो गया। सिद्दागंगा पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था। सिद्दागंगा लिंगायत समुदाय के काफी सम्मानित एवं पूजनीय संत थे। वह सिद्दागंगा मठ के प्रमुख थे। उनका समाज के सभी वर्गों पर प्रभाव था। यहां तक सभी दलों के राजनेता उनका आशीर्वाद प्राप्त करते थे।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मठ में उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि स्वामी फेफड़े के संक्रमण से पीड़ित थे और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। स्वामी की तबीयत में रविवार को थोड़ा सुधार आया था लेकिन सोमवार सुबह उन्हें दिक्कत होने लगी जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।

सिद्दारमैया के निधन का समाचार मिलते ही पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई। मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा सहित बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता अपने कार्यक्रम स्थगित कर दिवंगत स्वामी के अंति दर्शन के लिए पहुंचे। तुमाकुरु शहर के बाहरी इलाके में स्थित मठ में बड़ी संख्या में सिद्दागंगा के भक्त, अनुयायी और राजनेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।

एक संत के रूप में सिद्दागंगा का महत्व और प्रभाव इतना था कि चुनावों के समय सभी दलों के बड़े नेता उनका आशीर्वाद लेने मठ पहुंचते थे। कर्नाटक विधानसभा चुनावों के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित प्रदेश के सभी बड़े नेता मठ पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया।

संत के निधन का समाचार पाकर मठ की तरफ उमड़ रहे लोगों को रोकने के लिए तुमकुरु जिला प्रशासन ने मठ सहयोग से उचित सुरक्षा प्रबंध किए हैं। मठ से करीब दो किलोमीटर के दायरे में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।

-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »