काबुल में गुरुद्वारे पर ISIS का फिदायीन हमला, 11 की मौत

काबुल/अफगानिस्तान। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आज सुबह 7.30 बजे ISIS के आतंकियों ने गुरुद्वारे में फिदायीन हमला क‍िया ज‍िसमें अभी तक श्रद्धालुओं के मारे जाने की खबर है, यह संख्या बढ़ भी सकती है क्योंक‍ि 16 से ज्यादा गंभीर घायल हैं जि‍नको अस्पताल में भर्ती किया गया है, कुल 40 से ज्यादा श्रद्धालु अभी भी गुरुद्वारे में फंसे हैं।

इसके बाद सुरक्षाबलों ने गुरुद्वारे की घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की। इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। गौरतलब है कि अफगानिस्तान में करीब 300 सिख परिवार रहते हैं। इनकी संख्या काबुल और जलालाबाद में अधिक है। इन्हीं दो शहरों में गुरुद्वारे भी हैं। यहां सिख समुदाय के सैकड़ों लोग प्रार्थना के लिए जुटे थे।

भारत ने इस हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी के समय में अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थानों पर इस तरह के कायरतापूर्ण हमले, अपराधियों और उनके आकाओं की शैतानी मानसिकता दिखाते हैं।’’

कानूनविद नरिंद्र सिंह खालसा ने बताया कि उनके पास गुरुद्वारे से फोन आया था। कॉल करने वाले ने कहा कि गुरुद्वारे में 150 से ज्यादा लोग मौजूद हैं।

आतंकी गुट तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट किया- इस हमले से संगठन का कोई लेनादेना नहीं है। हमने कोई हमला नहीं किया।

पिछले साल भी आईएसआईएस ने किया था हमला
अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक सिखों और हिंदुओं के धार्मिक स्थलों पर आए दिन हमले होते रहते हैं। इसके पहले 2018 में राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात करने जा रहे हिंदुओं और सिखों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। इसमें 19 सिख और हिंदु मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी भी इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने ली थी। इन हमलों से सिख और हिंदु समुदाय डरा हुआ है। बड़ी संख्या में सिखों और हिंदुओं ने देश छोड़ने का फैसला कर लिया है। तीन सालों में काफी पीड़ितों ने भारत से शरण मांगी है।

– एजेंसी

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