10 ट्रेड यूनियनें 8 जनवरी को ‘भारत बंद’ के निर्णय पर कायम

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार की ‘जन विरोधी’ नीतियों के खिलाफ बुधवार यानी 8 जनवरी को 10 ट्रेड यूनियन्स और 25 करोड़ लोग भारत बंद में शामिल होंगे।
केंद्रीय श्रम मंत्री से मुलाकात करने के एक दिन बाद शुक्रवार को यूनियनों ने कहा कि वे केंद्र सरकार की श्रम नीतियों के खिलाफ 8 जनवरी को ‘भारत बंद’ के निर्णय पर कायम हैं।
हड़ताल में 10 ट्रेड यूनियन शामिल
इस देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा लेने वाली यूनियनों में INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, UTUC और कई अन्य सेक्टोरल इंडिपेंडेंट फेडरेशन और असोसिएशन्स हिस्सा लेंगी। इन यूनियनों ने सितंबर के महीने में ही देशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया था, जिसमें कई एंटी वर्कर, एंटी People और एंटी नेशनल पॉलिसीज को वापस लेने की मांग रखी थी।
कई बैंक संगठन हड़ताल में शामिल होंगे
वामदल और कई बैंक कर्मचारी संगठनों ने भी इस प्रदर्शन में सहयोग की घोषणा की है। इसके अलावा 60 स्टूडेंट यूनियनों और यूनिवर्सिटीज के अधिकारियों ने भी हड़ताल का हिस्सा बनने का ऐलान किया है। शिक्षा संस्थान फीस बढ़ोत्तरी और शिक्षा के कमर्शलाइजेशन का विरोध करेंगे। ट्रेड यूनियनों ने जेएनयू हिंसा और विश्वविद्यालयों में हो रही ऐसी घटनाओं की निंदा करते हुए छात्रों का साथ देने का फैसला किया है।
9जनवरी को एटीएम में कैश की हो सकती है किल्लत
ट्रेड यूनियनें इस बात से भी नाराज हैं कि जुलाई 2015 से अब तक कोई इंडियन लेबर कॉन्फ्रेस आयोजित नहीं हुई है। इसके अलावा रेलवे और कई PSUs का निजीकरण भी ट्रेड यूनियनों की नाराजगी का कारण हैं। बैंकों का मर्जर और डिफेंस प्रॉडक्शन इकाइयों का कॉर्पोरेटाइजेशन भी ऐसे मुद्दे हैं, जिनपर श्रमिक संगठन नाराज हैं। 8 जनवरी को भारत बंद के कारण कामकाज काफी प्रभावित होगा। 9 जनवरी को बैंक खुले रहेंगे लेकिन एटीएम तक कैश न पहुंच पाने की वजह से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
-एजेंसियां

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