बहरीन में 10 हज़ार बांग्लादेशी लोगों ने खोया काम-काज: LMRA

बहरीन में श्रमिक मामलों पर नज़र रखने वाले प्राधिकरण (LMRA) ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी की वजह से तक़रीबन 10 हज़ार बांग्लादेशी अपना काम-काज खो चुके हैं. बहरीन की राजधानी मनामा में स्थित बांग्लादेशी दूतावास के राजदूत डॉक्टर नज़रूल इस्लाम के साथ हुई एक ऑनलाइन बैठक में LMRA के चीफ़ ओसामा अब्दुल्ला अल-अबसी ने कहा कि ‘दोनों देशों के बीच अस्थायी श्रमिकों से संबंधित जो मौजूदा करार है, उसकी वजह से 15,000 बांग्लादेशियों को नए नौकरियाँ दी जाएंगी.’
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है. LMRA ने यह भी कहा है कि “चूंकि बहरीन में 80 प्रतिशत अस्थायी श्रमिक बांग्लादेश के हैं इसलिए इस करार का सबसे अधिक फ़ायदा भी उन्हें ही मिलेगा.”
बांग्लादेश के क़रीब दो लाख लोग बहरीन में तरह-तरह के काम-काज से जुड़े हैं. तीन अप्रैल को LMRA ने अस्थायी श्रमिकों के लिए एक ‘एमनेस्टी स्कीम’ की घोषणा की थी जिसके अनुसार 31 दिसंबर तक श्रमिकों को अपनी रेजिडेंसी के लिए कोई जुर्माना या चालान नहीं भरना होगा और ना ही देश छोड़ने की ज़रूरत होगी.
बहरीन सरकार ने वर्क परमिट पर लगने वाली फ़ीस भी एक अप्रैल से तीन महीने के लिए माफ़ कर दी है. सरकार ने यह निर्णय इसलिए लिया है ताकि कोविड-19 की मार झेल रहे व्यापारियों और नियोक्ताओं को अस्थायी श्रमिकों को काम पर रखने का अतिरिक्त आर्थिक बोझ ना झेलना पड़े.
बांग्लादेश के राजदूत के साथ हुई बैठक में LMRA ने यह भी भरोसा दिलाया कि ‘जब तक एमनेस्टी स्कीम लागू है, किसी भी अस्थायी श्रमिक को गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा.’
-BBC

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