मथुरा रिफाइनरी के ठेकों व नौकरी में भी म‍िले 10% आरक्षण: प्रेम स‍िंह

मथुरा। ग्रीन अर्थ फाउंडेशन ने मांग की है क‍ि मथुरा रिफाइनरी द्वारा प्रदत्त ठेकों व सरकारी नौकरी में जिले के युवाओं को 10% आरक्षण प्रदान द‍िया जाए। ग्रीन अर्थ फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रेम स‍िंह ने मथुरा र‍िफायनरी द्वारा नजदीकी गांवों में पर्यावरण के प्रत‍ि बरती जा रही लापरवाही को लेकर रिफानरी प्रबंधक को पत्र ल‍िखा है ज‍िसकी प्रत‍ि पेट्रोल‍ियम मंत्री व ज‍िलाध‍िकारी मथुरा को भी भेजी है।

संस्था के अध्यक्ष प्रेम स‍िंह द्वारा ल‍िखे गए इस पत्र में बताया गया है क‍ि मथुरा रिफायनरी द्वारा प्रतिवर्ष सी एस आर फंड के अन्तर्गत पर्यावरण संरक्षण हेतु करोड़ों रुपये का बजट व्यय किया जाता है और सबसे अधिक प्रभावित जनसमुदाय रिफायनरी क्षेत्र के 20-25 किमी क्षेत्र में निवास करता है परंतु मथुरा रिफायनरी द्वारा स्थानीय स्तर पर रहने वाले निवासियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जाता है, जबकि मथुरा रिफायनरी द्वारा हो रहे प्रदूषण से सबसे ज्यादा स्वास्थ्य हानि स्थानीय ग्रामवासियों को ही होती है।

रिफायनरी से होने वाले प्रदूषण के कारण प्रदूषित धूंए से ग्रामीणों में श्वास, दमा, खाँसी जैसी बीमारियों का होना स्वभाविक है। भारत सरकार मथुरा रिफायनरी से आर्थिक लाभ ले रही है, लेकिन स्थानीय निवासियों को रिफायनरी से स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियाँ हो रही है।

पत्र में मांग की गई है कि रिफायनरी क्षेत्र के 20-25 किमी की परिधि में आने वाले गांवों व आबादी क्षेत्र में सी एस आर फंड के अन्तर्गत पर्यावरण सम्बन्धी, स्वास्थ्य सम्बन्धी गतिविधियों के अन्तर्गत जाँच शिविर आयोजित किए जाएं व वृक्षारोपण के अन्तर्गत ग्रामवासियों को फलदार औषधीयजन पौधों का निःशुल्क वितरण कराया जाए, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और पर्यावरण संरक्षण भी होगा।

जल संरक्षण हेतु ग्रामों में भूर्गभ के पुनर्भरण हेतु तालाबों की खुदायी करायी जाए, किसानों को जैविक खेती हेतु प्रशिक्षण आयोजित कराया जाए। गाँवों में पीने के पानी की समस्याऐं है, गाँवों की महिलाऐं मीठे पानी के लिए कई कि0मी0 दूर से पानी लाती है, गाँवों में मीठे पानी की समुचित व्यवस्थाऐं करायी जावे, शिक्षा क्षेत्र में सुधार हेतु सहयोग प्रदान किया जाए व स्किल डवलपमेंट के अन्तर्गत युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान किए जाए। महिला सशक्तिकरण हेतु स्वरोजगारपरक प्रशिक्षण कराये जाएं, जिससे महिलाऐं आत्मनिर्भर बन सके तथा स्थानीय खेलों को बढ़ावा देने के लिए ग्राउण्ड व प्रशिक्षक की व्यवस्था की जाएं।

– Legend News

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