रिजर्व बैंक का स्‍पष्‍टीकरण: बैंक अकाउंट्स को आधार कार्ड से लिंक करना कानूनन अनिवार्य

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने शनिवार को एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि बैंक अकाउंट्स को आधार कार्ड से लिंक करना प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अनिवार्य है।
रिजर्व बैंक का यह स्पष्टीकरण उन न्यूज़ रिपोर्ट्स के बाद आया है जिसमें यह कहा गया था केंद्रीय बैंक एक आरटीआई के जवाब में कहा है कि बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य नहीं है।
रिजर्व बैंक ने एक ट्वीट करते हुए बताया, ‘मीडिया के एक धड़े में कुछ न्यूज़ रिपोर्ट्स आईं, जिसमें एक आरटीआई जवाब के हवाले से बताया गया कि आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना अनिवार्य नहीं है। रिजर्व बैंक यह स्पष्ट करता है कि आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग, द्वितीय संशोधन नियम, 2017 के तहत अनिवार्य है। जो 1 जून 2017 को जारी आधिकरिक गजट में प्रकाशित हो चुका है।’
आरबीआई ने यह भी कहा कि जून 2017 में जारी किए गए ऐंटी-मनी लॉन्ड्रिंग नियम वैधानिक रूप से मानने होंगे और बैंकों को निर्देशों का इंतजार किए बगैर इन्हें लागू करना है। आधार योजना जो विश्व का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक पहचान कार्ड कार्यक्रम है, उस पर निजता के अधिकार में सेंध लगाने के आरोप भी लगते रहे हैं।
सरकार बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक करने को अनिवार्य कर चुकी है और कुछ बैंक ग्राहकों पर इसके लिए दबाव भी बना रहे हैं। सरकार बैंक खातों को लिंक करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर कर चुकी है। आरटीआई मनीलाइफडॉटइन के तहत फाइल की गई थी।
-एजेंसी