मॉब लिंचिंग के मसले पर सदन में कांग्रेस और भाजपा ने एक-दूसरे को घेरा

नई दिल्ली। लोकसभा में मॉब लिंचिंग के मसले पर बहस के दौरान विपक्ष ने सरकार पर तीखे हमले किए। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने एमपी और झारखंड को मॉब लिंचिंग का सेंटर बताया तो जवाब में बीजेपी ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में डीएसपी अय्यूब पंडित की भीड़ द्वारा की गई हत्या को मॉब लिंचिंग नहीं मानती?
संसद के मॉनसून सत्र में हंगामे का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। मॉब लिंचिंग और गुजरात में कांग्रेस विधायकों की टूट के मुद्दे को सदन में उठाने के लिए तैयार बैठी कांग्रेस ने कार्यवाही शुरू होते ही दोनों सदनों में हंगामा खड़ा कर दिया। कांग्रेस ने राज्यसभा में गुजरात के कांग्रेस विधायकों की कथित ‘खरीद-फरोख्त’ का मुद्दा भी उठाया।
‘मॉब लिंचिंग की घटनाओं से देश चिंतिंत’
भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेकर हत्या किए जाने की घटनाओं को लेकर लोकसभा में सोमवार को बहस शुरू हुई। बहस की शुरुआत करते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर हमले किए। उन्होंने कहा कि गोरक्षा के नाम पर हो रही हत्याओं से देश चिंतित है। खड़गे ने कहा कि 70 सालों में ऐसी घटनाएं देश में नहीं हुईं, जैसी आज हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी से जुड़े संगठन के लोग इस तरह की हत्याओं में शामिल हैं। विपक्ष के नेता ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का नाम लेते हुए कहा कि इसके सदस्य इन घटनाओं में शामिल रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती। खड़गे यहां तक कह गए कि झारखंड और मध्य प्रदेश मॉब लिंचिंग के सेंटर बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश में दलित, अल्पसंख्यकों और महिलाओं की हत्या हो रही है और बीजेपी नेता हत्यारों का समर्थन कर रहे हैं।
बीजेपी ने यूं दिया कांग्रेस को जवाब
बहस के दौरान बीजेपी सासंद हुकुम नारायण यादव ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या जम्मू-कश्मीर में डीएसपी अयूब पंडित की मॉब लिंचिंग की घटना इस लायक नहीं कि आप उसका जिक्र करें?’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद इन घटनाओं की निंदा कर चुके हैं, ऐसे में अब यह राज्यों की जिम्मेदारी है कि वह कानून का पालन करें। केंद्र खुद ही पैरा मिलिटरी फोर्स नहीं भेज सकता। गौरतलब है कि डीएसपी अयूब पंडित को भीड़ ने 22 जून को कश्मीर के नौहट्टा इलाके में जामिया मस्जिद के बाहर पीट-पीटकर मारा डाला था। भीड़ पाकिस्तान समर्थित नारे लगी रही थी, जिसकी अयूब विडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसी के चलते भीड़ ने उन्हें खुफिया एजेंसियों का एजेंट समझते हुए उन पर हमला बोल दिया था।
इसके अलावा हुकुम नारायण यादव ने जुनैद हत्याकांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘जुनैद की हत्या ट्रेन में सीट को लेकर झगड़े के चलते हुई थी, आप इसे धर्म से क्यों जोड़ रहे हैं? और केरल के बारे में क्या कहेंगे आप?’ उधर सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि खड़गे ने जिन राज्यों का जिक्र किया है, उन्होंने कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्यवाही की है और ये मामले अभी अदालत में हैं।
राज्यसभा में गुजरात की गूंज
कांग्रेस की ओर से पहले ही बता दिया गया था कि गुजरात के मुद्दे को वह संसद में जोरशोर से उठाने वाली है। सोमवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस सांसदों ने इसे लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी गुजरात में कांग्रेस विधायकों की ‘खरीद-फरोख्त’ कर रही है। हंगामा करते हुए कांग्रेस के सासंद वेल के नजदीक पहुंच गए और वहीं खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सदन की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।
सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तब भी कांग्रेस का हंगामा जारी रहा। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि ऐसे वक्त में जब गुजरात के लोग बाढ़ जैसी आपदा से जूझ रहे हैं, कांग्रेस ने अपने विधायकों को ‘पिकनिक मनाने’ के लिए बेंगलुरु भेज दिया है। नकवी ने कहा कि लोगों को अपने जनप्रतिनिधियों की जरूरत है, लेकिन वह बाहर मौज कर रहे हैं।
-एजेंसी

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