भरतपुर के पूर्व राजा विश्वेंद्र सिंह का बयान, मर्दों के सामने घूमर नहीं होता

फिल्म पद्मावती पर जारी विवाद में अब भरतपुर के पूर्व राजा विश्वेंद्र सिंह ने भी बयान दिया है। उन्होंने पद्मावती के घूमर सॉन्ग पर सवाल उठाए और कहा- मर्दों के सामने घूमर नहीं होता है। वे बोले ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मोड़कर पेश करना गलत है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावती फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग संबंधी पिटीशन खारिज कर दी है। संजय लीला भंसाली के डायरेक्शन और दीपिका पादुकोण के लीड रोल वाली इस फिल्म का राजस्थान की करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठन विरोध कर रहे हैं।
क्या कहा भरतपुर के पूर्व राजा ने पद्मावती विवाद पर?
घूमर पर्दे में किया जाता है
विश्वेंद्र सिंह ने कहा, “घूमर एक ऐतिहासिक नृत्य है। हमारे परिवार में जब-जब बहन-बेटियों की शादी हुई, तब सबने घूमर किया, लेकिन पर्दे में। इस गाने में दिखाया जा रहा है कि पद्मावती ने मर्दों के सामने घूमर कर रही हैं। इस पर आपत्ति है। घूमर सभी जातियों में होता है, लेकिन उसमें पुरुष नहीं रहते हैं। मैं और भरतपुर के लोग इस फिल्म का विरोध करते हैं। इस पर बैन लगना चाहिए।”
सेंसर बोर्ड में जाने से पहले प्रोमो ले आए
उन्होंने कहा, “सेंसर बोर्ड के सदस्य अमित गोप्ता ने ये ट्वीट किया है कि सेंसर बोर्ड में फिल्म को पास होने के लिए 48 दिन का वक्त चाहिए। पद्मावती को अभी तक सेंसर बोर्ड तक पहुंचाया भी नहीं गया है। सेंसर बोर्ड में एप्लिकेशन लगाने से पहले ही प्रोमोज चालू कर दिए गए, इस पर मुकदमा होना चाहिए।”
अगली पीढ़ी फिल्म से याद रखेगी इतिहास
“आज से 25 साल बाद उदयपुर और मेवाड़ का जो इतिहास है, उसे अगली पीढ़ी इस फिल्म के जरिए याद रखेगी। इतिहास को तोड़-मरोड़कर पैसे कमाने के लिए फिल्म बनाना आपत्तिजनक है।”
कौन हैं विश्वेंद्र सिंह?
भरतपुर के पास डीग से विधायक विश्वेंद्र भरतपुर राजघराने से हैं। उनके पिता महाराज बिजेंद्र सिंह भरतपुर के आखिरी राजा थे। वे 1962 से 1971 तक लोकसभा के सदस्य भी रहे। विश्वेंद्र सिंह की पत्नी महारानी दिव्या सिंह शुरुआत में भरतपुर जिला परिषद की सदस्य रहीं। बाद में बीजेपी से लोकसभा की सदस्य भी रहीं। विश्वेंद्र सिंह ने 2013 राजस्थान असेंबली इलेक्शन में अपनी प्रॉपर्टी 118 करोड़ दिखाई थी।
विरोध में जालोर रहा बंद
पद्मावती फिल्म के रिलीज पर बैन लगाने की मांग को लेकर शुक्रवार को राजपूत करणी सेना ने शहर बंद की अपील की थी। शहर में बंद का असर साफ दिखाई दिया। फिल्म पर बैन लगाने के विरोध में एक रैली भी निकाली गई।
-एजेंसी